Organic Farming: Sonipat farmer is earning 10 lakhs from organic farming, becomes an example for the country by winning the award!: सोनीपत | हरियाणा के सोनीपत जिले के शहजादपुर गांव का एक किसान आज पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रगतिशील किसान कपिल जमदग्नि ने महज डेढ़ एकड़ जमीन पर जैविक खेती कर 10 लाख रुपये सालाना की कमाई का रिकॉर्ड बनाया है। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें न सिर्फ आर्थिक सफलता दी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी दिलाए। कपिल ने एक एकड़ में आठ तरह की खास अमरूद की किस्में, नींबू, हल्दी और मूंग की फसल उगाई है, जबकि आधा एकड़ में जैविक गन्ना और धान की खेती कर रहे हैं। उनकी यह कहानी हर किसान के लिए प्रेरणा है।
नौकरी छोड़ शुरू की अनोखी खेती Organic Farming
कपिल की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। पहले वह बैंक में नौकरी करते थे, लेकिन जब उनका तबादला गुजरात हुआ, तो उन्होंने नौकरी छोड़कर खेती को गले लगाया।
कपिल ने पंजाब से विदेशी प्रजाति के पौधे मंगवाए और एक एकड़ जमीन पर अमरूद का बाग तैयार किया। ताइवान और थाईलैंड की छह अनोखी प्रजातियों के 500 अमरूद के पौधे लगाए। इसके साथ ही, 200 नींबू के पौधे, आड़ू और हल्दी की फसल भी शुरू की। आज उनकी मेहनत रंग लाई है और हर साल 4000 किलो नींबू का उत्पादन हो रहा है, जिससे वह अचार बनाकर बेचते हैं।
जैविक खेती ने बदली जिंदगी
कपिल ने अपनी जमीन पर ताइवान पिंक, ताइवान व्हाइट, एप्पल फ्लेवर, स्ट्रॉबेरी फ्लेवर, अनानास, हिसार सफेदा, इलाहबादी सफेदा और लखनऊ 49 जैसी अमरूद की किस्में उगाई हैं। उनके खेतों से हर साल 20,000 किलो अमरूद का उत्पादन होता है।
दिल्ली, सोनीपत, गुरुग्राम और आसपास के लोग सीधे उनके खेतों से फल खरीदने आते हैं। कपिल की खासियत है उनकी जैविक खेती। वह गोबर की खाद और ऑर्गेनिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी फसलें स्वाद और गुणवत्ता में बेजोड़ हैं। उनकी इस मेहनत ने उन्हें 3 दिसंबर 2024 को आईसीएआर-आईएआरआई, पूसा, न्यू दिल्ली से डिस्ट्रिक्ट मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया अवॉर्ड दिलाया।
पुरस्कारों से चमका नाम
कपिल की जैविक खेती और बागवानी की कला ने उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई अवॉर्ड जिताए हैं। उनकी मेहनत ने साबित कर दिया कि छोटी सी जमीन पर भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
कपिल का कहना है कि जैविक खेती न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छी है, बल्कि यह किसानों की जिंदगी को भी समृद्ध बना सकती है। उनकी कहानी आज हर उस किसान के लिए प्रेरणा है, जो खेती को नए तरीके से अपनाना चाहता है।











