Haryana News: पीएम मोदी द्वारा तारीफ ने दिखाया मनोहर लाल का हरियाणा भाजपा में एकतरफा होल्ड

मोदी द्वारा मनोहर लाल की खुलकर तारीफ से फिर संकेत मिले कि हरियाणा में आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव मनोहर लाल के नेतृत्व में लड़े जाएंगे। पार्टी में भी अंदर बही खाते नाराज चल रहे नेताओं को भी केंद्र से मिली एक तरह नसीहत।  
 

चंडीगढ़। हरियाणा में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सभी राजनीतिक दल व्यापक पैमाने पर तैयारियों में जुटे हैं। सत्ताधारी भाजपा व सहयोगी जजपा और मुख्य विपक्षी दलों कांग्रेस, इनेलो और आप भी लगातार कैंडिडेट्स के नाम फाइनल करने को लेकर लगातार मंथन कर रही हैं। हरियाणा भाजपा  में लोकसभा उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने को लेकर कई कई बैठक की बैठक हो चुकी है।

इसी कड़ी में एक बार फिर साफ हो चुका है कि हरियाणा में  लोकसभा और विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में लड़े जाएंगे। इसके साफ संकेत पीएम नरेंद्र मोदी के गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के दौरान संबोधन से मिले । उन्होंने कई बार मनोहर लाल की खुलकर कर तारीफ की जिससे साफ हो गया कि बतौर मुख्यमंत्री दो कार्यकाल पूरा करने के बाद भी केंद्रीय नेतृत्व की पहली पसंद हैं और निरंतर पीएम नरेंद्र मोदी की गुड बुक्स में हैं।

भाजपा नेताओं को भी एक बार फिर से साफ संकेत मिले कि जिनको हरियाणा भाजपा में मनोहर लाल का नेतृत्व मंजूर नहीं है, उनके लिए भाजपा में राह आसान नहीं हैं। ये भी किसी से छुपा नहीं है कि कई सीनियर नेताओं की मुख्यमंत्री मनोहर लाल से सुर नहीं मिलते हैं। 

मोदी ने पुराने दिनों को किया याद 

उपरोक्त कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उनका और मनोहर लाल का पुराना याराना है। पुराने दौर का याद करते हुए कहा कि मैं और मनोहर लाल पुराने दोस्त हैं। उस वक्त मनोहर लाल के पास एक मोटरसाइकिल होती थी और इसको मनोहर लाल ड्राइव करते थे जबकि मैं पीछे बैठता था। आगे कहा कि हम रोहतक से गुरुग्राम से गुरुग्राम जाते थे और पूरे हरियाणा में भी हम मोटरसाइकिल पर ही भ्रमण करते थे।

आगे कहा कि उस वक्त रोहतक से गुरुग्राम तक सड़क संकरी और खस्ताहाल होने के चलते दिक्कत पेश आती थी। वो यहीं नहीं रुके आगे कार्यक्रम में मौजूद जनता को संबोधित करते हुए  कहा कि हम दोनों आज भी साथ हैं और आप लोगों का भविष्य भी साथ है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी और मनोहर लाल की पुरानी दोस्ती के चलते वो लगातार तीसरी बार सीएम पद के दावेदार हैं और इसी कारण एक और दावेदार भूपेंद्र यादव को राजस्थान से राज्यसभा भेज दिया गया है। 

विधानसभा-लोकसभा टिकट बंटवारे में चलेगी

पार्टी हाईकमान और पीएम मोदी ने एक तरह से साफ कर दिया है कि लगातार तीसरी बार वो भाजपा से मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे। पार्टी किसी अन्य चेहरे को आगे नहीं कर रही है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में कैंडिडेट्स के नाम फाइनल करने को लेकर भी उनसे पार्टी हाईकमान लगातार रायशुमारी कर रही है। इसके अलावा आने वाले विधानसभा चुनाव में भी तय है कि विधायकी के टिकट मनोहर लाल की रायशुमारी से नहीं बांटे जाएंगे.। ऐसे में सिटिंग व टिकट के दावेदार विधायकों के लिए मनोहर लाल से विराट उम्मीदें होंगी। 

दिखा चुके एकतरफा होल्ड व ताकत 

पिछले कुछ महीनों में मुख्यमंत्री मनोहर लाल हरियाणा भाजपा में अपने एकतरफा होल्ड की बानगी दिखा चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर में भाजपा के दिग्गज व तत्कालीन ओपी धनखड़ को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी से रुखसत कर दिया गया और पद के लिए कई भाजपा दिग्गज कतार में थे लेकिन मनोहर लाल अपने खास नायब सैनी को पद पर बैठाने में सफल रहे। पार्टी हाईकमान ने उनकी रायशुमारी करते हुए उनकी पहली पसंद पर मुहर लगी दी।

कहीं न कहीं ओपी धनखड़ व मनोहर लाल के बीच भी मतभेद की चर्चा पूर्व में कई बार उठी और राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नतीजन धनखड़ को पद से रवाना होना पड़ा। इसके बाद पिछले महीने राज्यसभा चुनाव एक बार मनोहर लाल बराला के करीबी व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला को राज्यसभा भेजा गया। हालांकि राज्यसभा जाने के लिए पार्टी के कई बड़े नेता कतार में थे लेकिन यहां भी मनोहर लाल की एकतरफा चली और उनकी पहली पसंद बराला को राज्यसभा सांसद बना दिया गया है।

उपरोक्त के अलावा भाजपा के कद्दावर नेता होम अनिल विज से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं। कई दफा दोनों के बीच की दूरियां  सार्वजनिक रूप से जगजाहिर हुए लेकिन ज्यादातर बार हाईकमान के सामने मनोहर लाल का ही पलड़ा भारी रहा। 

मनोहर लाल से छत्तीस का आंकड़ा रखने वालों की ज्यादा सुनवाई नहीं हुई 

हालांकि ऐसा कई बार देखने को मिला जब भाजपा के कई नेताओं की मुख्यमंत्री मनोहर लाल से दूरियां और मतभेद नजर आए लेकिन किसी को ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। पार्टी के गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत कई दफा सार्वजनिक मंच पर अपनी ही सरकार और इशारों इशारों में मनोहर लाल पर हमला बोल चुके लेकिन उनको पार्टी हाईकमान ने भी गंभीरता से नहीं लिया।

हालांकि वो बात दूसरी है कि लोकसभा चुनाव से ऐन पहले उनको पार्टी हाईकमान ने तवज्जो दी है। रोहतक से भाजपा सांसद अरविंद शर्मा ने भी एकदफा पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर मनीष ग्रोवर जो कि मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं, खिलाफ मोर्चा खोल दिय़ा और इशारों इशारों मनोहर लाल को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर कर दी थी लेकिन हुआ कुछ नहीं और अंतत उनको मनोहर लाल की ही शरण में आना पड़ा।

उनके अलावा बीरेंद्र सिंह जिनके बेटे व सांसद बृजेंद्र सिंह भाजपा छोड़ कांग्रेस ज्वाइन कर चुके हैं, ने भी कई दफा मनोहर लाल व भाजपा सरकार की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े किए, को भी पार्टी हाईकमान ने गंभीरता से नहीं लिया। 

Kisanmart Website: सरकार ला रही किसानमार्ट वेबसाइट, अब किसानों के उत्पाद सीधे ग्राहक खरीद सकेंगे