IPL 2025 from Kohli to Rahul these five IPL captains have the worst win percentage: आईपीएल 2025 का 18वां सीजन रोमांच की नई ऊंचाइयों पर है। दिल्ली कैपिटल्स 10 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर काबिज है, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स 4 अंकों के साथ सबसे निचले पायदान पर संघर्ष कर रही है। जहां दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल की रणनीति और खिलाड़ियों का प्रदर्शन उनकी सफलता का राज है, वहीं कुछ टीमें ऐसी हैं जिनके पास शानदार खिलाड़ी होने के बावजूद कप्तान उन्हें सही ढंग से उपयोग नहीं कर पाए। आज हम आपको आईपीएल इतिहास के उन पांच कप्तानों के बारे में बताएंगे, जिनका जीत प्रतिशत सबसे खराब रहा। हैरानी की बात है कि इस लिस्ट में भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली का नाम भी शामिल है। आइए, इन कप्तानों की कहानी जानते हैं।
संजू सैमसन: पहले स्थान पर निराशा
लिस्ट में शीर्ष पर हैं राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के कप्तान संजू सैमसन। अपनी आकर्षक बल्लेबाजी के लिए मशहूर सैमसन ने 65 आईपीएल मैचों में कप्तानी की, लेकिन उनकी टीम केवल 33 में ही जीत हासिल कर पाई। उनका जीत प्रतिशत 51.56% है, जो आईपीएल इतिहास में सबसे खराब है। सैमसन की रणनीति में कई बार आक्रामकता की कमी दिखी, और उनकी टीम बड़े मौकों पर चूक गई। फिर भी, सैमसन की युवा ऊर्जा और बल्लेबाजी प्रशंसकों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र रही है।
केएल राहुल: दूसरा स्थान, औसत प्रदर्शन
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं। राहुल ने पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए 64 मैचों में कप्तानी की, जिसमें से केवल 32 में जीत मिली। उनका जीत प्रतिशत 50% रहा। राहुल की कप्तानी में रक्षात्मक रणनीति और खिलाड़ियों के रोटेशन में कमी की वजह से उनकी टीमें अक्सर दबाव में दिखीं। हालांकि, उनकी शांत स्वभाव और बल्लेबाजी ने उन्हें प्रशंसकों का चहेता बनाए रखा है।
डेविड वॉर्नर: तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड वॉर्नर तीसरे स्थान पर हैं। वॉर्नर ने सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के लिए 83 मैचों में कप्तानी की, जिसमें 40 जीत हासिल कीं। उनका जीत प्रतिशत 48.19% रहा। वॉर्नर ने 2016 में सनराइजर्स को खिताब दिलाया, लेकिन उनकी कप्तानी में निरंतरता की कमी रही। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के बावजूद, रणनीतिक चूक उनकी टीमों को भारी पड़ी।
विराट कोहली: चौथे स्थान पर चौंकाने वाला नाम
भारत के पूर्व कप्तान और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के दिग्गज विराट कोहली इस लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। कोहली ने 143 आईपीएल मैचों में कप्तानी की, लेकिन केवल 40 में जीत हासिल की। उनका जीत प्रतिशत 47.55% रहा। कोहली की कप्तानी में आरसीबी ने कई बार शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन बड़े मैचों में उनकी रणनीति और गेंदबाजी संयोजन अक्सर कमजोर साबित हुआ। फिर भी, कोहली का जुनून और नेतृत्व उन्हें क्रिकेट इतिहास में एक बड़ा नाम बनाता है।
एडम गिलक्रिस्ट: पांचवें स्थान पर ऑस्ट्रेलियाई लीजेंड
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट इस लिस्ट में पांचवें स्थान पर हैं। गिलक्रिस्ट ने डेक्कन चार्जर्स को 2009 में खिताब दिलाया, लेकिन उनकी कुल कप्तानी का रिकॉर्ड उतना प्रभावशाली नहीं रहा। उन्होंने 74 आईपीएल मैचों में कप्तानी की, जिसमें 35 जीत हासिल कीं, और उनका जीत प्रतिशत 47.30% रहा। गिलक्रिस्ट ने पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) की भी कप्तानी की, लेकिन वहां भी उनकी टीम को ज्यादा सफलता नहीं मिली।
कप्तानी का दबाव और चुनौतियां
आईपीएल में कप्तानी केवल खिलाड़ियों को मैदान पर लीड करने तक सीमित नहीं है। यह रणनीति, खिलाड़ी प्रबंधन, और दबाव में सही फैसले लेने का खेल है। इन पांच कप्तानों के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं थी, लेकिन टी20 फॉर्मेट की तेज़ रफ्तार और प्रतिस्पर्धा ने उनके रिकॉर्ड को प्रभावित किया। सैमसन और राहुल जैसे युवा कप्तानों के पास अभी मौके हैं, जबकि कोहली, वॉर्नर, और गिलक्रिस्ट ने अपने नेतृत्व से प्रशंसकों का दिल जीता, भले ही जीत प्रतिशत कम रहा।
IPL 2025 का रोमांच
आईपीएल 2025 में दिल्ली कैपिटल्स की अगुआई कर रहे अक्षर पटेल ने अपनी रणनीति से सबको प्रभावित किया है। दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स जैसे दिग्गज नीचे के पायदान पर हैं, जो दिखाता है कि कप्तानी कितना बड़ा अंतर पैदा करती है। इन पांच कप्तानों की कहानी हमें सिखाती है कि प्रतिभा के साथ-साथ रणनीति और दबाव में प्रदर्शन भी उतना ही जरूरी है। प्रशंसकों के लिए यह सीजन और रोमांचक होने वाला है, क्योंकि टीमें प्लेऑफ की जंग में अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं।











