Accident in Bhiwani, The happiness of marriage turned into mourning in Bhiwani, two cousins died in a road accident: हरियाणा के भिवानी जिले में एक खुशी का मौका उस समय मातम में बदल गया, जब शादी की रस्म पूरी कर लौट रहे दो चचेरे भाइयों की सड़क हादसे में जान चली गई।
गांव कोहाड़ के सतीश और रिंकू, जो अपने रिश्तेदार की शादी में भात की रस्म निभाने गए थे, एक ट्रक की चपेट में आ गए। इस हादसे ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को गम में डुबो दिया। यह कहानी न केवल दुखद है, बल्कि सड़क सुरक्षा की जरूरत को भी उजागर करती है।
शादी की रस्म से लौटते वक्त हादसा Accident in Bhiwani
भिवानी के गांव कोहाड़ निवासी सतीश और उनके चचेरे भाई रिंकू 30 अप्रैल को राजस्थान के डिडवाना के पास एक रिश्तेदार की शादी में भात की रस्म निभाने गए थे।
मोटरसाइकिल से लोहारू रेलवे स्टेशन तक पहुंचकर उन्होंने बाइक वहां छोड़ी और ट्रेन से डिडवाना गए। शादी समारोह खत्म होने के बाद, 1 मई की रात दोनों मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहे थे। सतीश बाइक चला रहे थे, जबकि रिंकू उनके साथ पीछे बैठे थे। लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी।
ट्रक की लापरवाही ने छीनीं दो जिंदगियां
हादसा भिवानी के गांव गोलागढ़ के पास हुआ, जब सतीश और रिंकू अपनी मोटरसाइकिल से गांव कोहाड़ की ओर जा रहे थे। रास्ते में, गोलागढ़ से करीब 700-800 मीटर दूर, एक तूड़े से भरे ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सड़क पर गिर गई, और दोनों भाई ट्रक के टायरों के नीचे कुचल गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे की खबर सुनते ही गांव में चीख-पुकार मच गई।
मृतक सतीश के भाई राकेश ने बताया कि ट्रक चालक ने लापरवाही बरती और हादसे के बाद ट्रक छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
सतीश और रिंकू के परिवार वाले, जिनमें राकेश और रिंकू का बड़ा भाई महेंद्र शामिल थे, घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की जान जा चुकी थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सतीश और रिंकू के परिवार के लिए यह हादसा एक असहनीय त्रासदी है। सतीश के दो छोटे बच्चे, 11 साल का कुशलवीर और 9 साल का समरवीर, अब अपने पिता के बिना रह गए हैं।
राकेश ने बताया कि वह पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा है, और सतीश उनके बड़े भाई थे। इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं और उनके सामने अनिश्चितता का अंधेरा छोड़ दिया।
पुलिस ने जुई कलां थाने में ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शवों को भिवानी के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। लेकिन इस जांच से परिवार का दुख कम नहीं होगा।
सड़क सुरक्षा की जरूरत
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति हमारी लापरवाही को उजागर करता है। तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग और सड़क नियमों की अनदेखी के कारण हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवाते हैं।
सतीश और रिंकू की मौत न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि हमें सड़क सुरक्षा को और गंभीरता से लेना होगा। क्या इस त्रासदी से हम कोई सबक लेंगे, या यह सिर्फ एक और खबर बनकर रह जाएगी?











