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अचानक आया लाखों का बिजली बिल? घबराएं नहीं, अब विभाग को देना होगा आपको मुआवजा

On: जनवरी 15, 2026 6:43 अपराह्न
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अचानक आया लाखों का बिजली बिल? घबराएं नहीं, अब विभाग को देना होगा आपको मुआवजा
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हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने औसत आधार पर बिजली बिल भेजने और अचानक लाखों की डिमांड करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है। उपभोक्ताओं को प्रति गलत बिल 500 रुपये मुआवजा मिलेगा।

बहादुरगढ़. हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अक्सर देखा जाता है कि बिजली विभाग के कर्मचारी मीटर रीडिंग लेने की बजाय दफ्तर में बैठकर औसत आधार पर बिल भेजते रहते हैं और फिर अचानक उपभोक्ता को लाखों रुपये का बिल थमा दिया जाता है।

इस लापरवाही पर अब हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन (RTS) ने कड़ा रुख अपनाया है। कमीशन ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के लापरवाह अधिकारियों को न केवल फटकार लगाई है बल्कि उन पर जुर्माना भी ठोका है।

बहादुरगढ़ का मामला: 2.38 लाख का झटका

यह पूरा मामला बहादुरगढ़ से शुरू हुआ जहां एक उपभोक्ता बिजली विभाग की लापरवाही का शिकार हो गया। कमीशन ने जांच में पाया कि संबंधित उपभोक्ता को लंबे समय तक सही बिल नहीं भेजा गया। विभाग ने अपनी गलती सुधारने की बजाय उपभोक्ता को एकमुश्त 2 लाख 38 हजार रुपये का भारी भरकम बिल भेज दिया। जब पीड़ित ने विभाग में शिकायत की तो उसकी सुनवाई नहीं हुई। कमीशन ने इसे सेवा में कमी और गंभीर लापरवाही माना है।

अधिकारियों की जेब से होगी भरपाई

राइट टू सर्विस कमीशन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की है।

  • जुर्माना: दो कमर्शियल असिस्टेंट (CA) पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

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  • मुआवजा: इन दोनों कर्मचारियों को अपनी जेब से उपभोक्ता को 1000 रुपये बतौर मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।

  • एसडीओ पर गाज: बिल को मंजूरी देने वाले एसडीओ (SDO) की कार्यप्रणाली पर भी कमीशन ने असंतोष जताया है और उनके सर्विस रिकॉर्ड में इस लापरवाही को दर्ज करने का निर्देश दिया है।

हर गलत बिल पर मिलेंगे 500 रुपये

कमीशन ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जो भविष्य में नजीर बनेगा। आदेश के अनुसार जुलाई 2022 से अब तक जितने भी बिलिंग साइकिल में गलत तरीके से बिल जारी किए गए थे उन सभी के लिए उपभोक्ता को 500 रुपये प्रति बिल की दर से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि विभाग जितनी बार गलती करेगा उसे उतना ही हर्जाना भरना पड़ेगा।

हिसार में भी सामने आया ऐसा ही खेल

बहादुरगढ़ जैसा ही एक मामला हिसार में भी देखने को मिला। वहां एक उपभोक्ता के दो बिजली खातों में मार्च 2020 से फरवरी 2024 तक लगातार औसत आधार पर बिल भेजे गए। हैरानी की बात यह है कि जहां उपभोक्ता की सामान्य खपत लगभग 160 यूनिट (द्विमासिक) होती थी वहां विभाग ने एक खाते में 45 हजार यूनिट दिखाकर 3 लाख रुपये से ज्यादा का बिल भेज दिया। वहीं दूसरे खाते में 20 हजार यूनिट दिखाकर 98 हजार रुपये की मांग की गई।

डीएचबीवीएन को भरना होगा हर्जाना

हिसार वाले मामले में भी कमीशन ने कड़ा फैसला सुनाया है। यहां भी डीएचबीवीएन (DHBVN) को आदेश दिया गया है कि वह हर गलत बिल के बदले उपभोक्ता को 500 रुपये का मुआवजा दे। यह राशि पहले निगम अपने खाते से देगा और बाद में दोषी कर्मचारी के वेतन से इसकी वसूली की जाएगी।

FAQ’s

प्रश्न: अगर बिजली विभाग औसत आधार पर बिल भेजता है तो क्या करें?

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उत्तर: अगर आपको लगातार औसत बिल मिल रहा है तो तुरंत एसडीओ कार्यालय में लिखित शिकायत दें। सुनवाई न होने पर आप राइट टू सर्विस कमीशन में अपील कर सकते हैं।

प्रश्न: कमीशन ने गलत बिलिंग पर क्या मुआवजा तय किया है?

उत्तर: कमीशन के ताजा आदेश के अनुसार गलत तरीके से जारी किए गए प्रत्येक बिलिंग चक्र के लिए उपभोक्ता को 500 रुपये मुआवजा मिल सकता है।

प्रश्न: बहादुरगढ़ मामले में अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई?

उत्तर: बहादुरगढ़ मामले में दो कमर्शियल असिस्टेंट पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और एसडीओ के रिकॉर्ड में लापरवाही दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

प्रश्न: क्या जुर्माने की राशि अधिकारी को देनी होगी या विभाग देगा?

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उत्तर: मुआवजे की राशि विभाग देगा लेकिन इसकी वसूली दोषी अधिकारी या कर्मचारी के वेतन से की जाएगी।

उपभोक्ता मामलों के जानकारों का कहना है कि राइट टू सर्विस कमीशन का यह फैसला ऐतिहासिक है। इससे बिजली विभाग के कर्मचारियों में डर पैदा होगा और वे दफ्तर में बैठकर फर्जी रीडिंग भरने की बजाय मौके पर जाकर मीटर चेक करेंगे। यह आम जनता की बड़ी जीत है।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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