Jyoti Malhotra: Jyoti Malhotra’s shocking story: Royal hobby made him a traitor of the country: ज्योति मल्होत्रा (Jyoti Malhotra), हिसार की एक साधारण सी लड़की, जिसके बड़े-बड़े सपने और शाही शौक (royal hobbies) ने उसे ऐसी राह पर ले गए, जहां से वापसी मुश्किल हो गई।
एक छोटे से घर में पली-बढ़ी ज्योति ने बचपन से ही ऐशो-आराम की जिंदगी की चाहत रखी। लेकिन, यही चाहत उसे देश के खिलाफ जासूसी (espionage) के दलदल में ले गई। आइए, जानते हैं कि कैसे एक यूट्यूबर (YouTuber) की चमक-दमक भरी जिंदगी देशद्रोह के आरोपों में बदल गई।
सपनों की तलाश में भटकती ज्योति
हिसार की न्यू अग्रसेन कॉलोनी में 58 गज के छोटे से घर में रहने वाली 33 साल की ज्योति का बचपन अभावों में बीता। पिता के साथ रहते हुए उसे हमेशा पैसों की कमी खलती थी। 12वीं के बाद ही उसने काम शुरू कर दिया। पहले कोचिंग सेंटर में रिसेप्शनिस्ट, फिर स्कूल में शिक्षिका, और बाद में एक ऑफिस में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी की। लेकिन ये छोटी-मोटी नौकरियां (jobs) उसकी बड़ी-बड़ी ख्वाहिशों को पूरा करने में नाकाम रहीं।
कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद ज्योति ने सोशल मीडिया (social media) की दुनिया में कदम रखा। उसने “ट्रैवल विद जो” नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया, जो धीरे-धीरे लोकप्रिय हो गया। आज इस चैनल के 3.77 लाख सब्सक्राइबर हैं, और इंस्टाग्राम पर 1.31 लाख लोग उसे फॉलो करते हैं। ट्रैवलिंग और व्लॉगिंग (vlogging) से उसने पैसे कमाने शुरू किए, लेकिन यही राह उसे गलत रास्ते पर ले गई।
शाही शौक ने खोली गलत राहें
ज्योति के वीडियो में विदेशी यात्राओं (foreign travel) की चमक, महंगे होटल, और लग्जरी गाड़ियां दिखती थीं। बाहर से उसकी जिंदगी किसी सेलिब्रिटी (celebrity) जैसी लगती थी, लेकिन असल में वह एक साधारण परिवार से थी।
जांच में खुलासा हुआ कि ज्योति की मुलाकात पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। दोनों की बातचीत शुरू हुई, और धीरे-धीरे ज्योति ने पाकिस्तान को गोपनीय सूचनाएं (confidential information) भेजना शुरू कर दिया।
ज्योति ने भारत के अलावा दुबई, नेपाल, भूटान, चीन, थाईलैंड, इंडोनेशिया, और पाकिस्तान की यात्राएं कीं। वह दो बार पाकिस्तान गई—एक बार सिख जत्थे के साथ और एक बार अकेले करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए।
इन यात्राओं के वीडियो उसने अपने यूट्यूब चैनल पर डाले, जिसमें पाकिस्तान को सकारात्मक रूप में दिखाया गया। उसने भारत-पाक क्रिकेट मैचों पर वीडियो बनाए और कश्मीर यात्रा (Kashmir travel) के दौरान सैनिकों को भी फिल्माया, जो सुरक्षा (security) के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
जासूसी का जाल और गिरफ्तारी
हिसार पुलिस ने ज्योति समेत छह लोगों को पाकिस्तान के लिए जासूसी (spying for Pakistan) करने के आरोप में गिरफ्तार किया। न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से पकड़ी गई ज्योति पर देशद्रोह (treason) और जासूसी के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। ज्योति के पिता ने बताया कि उन्हें उसकी यूट्यूब कमाई (YouTube earnings) के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
सोशल मीडिया की चकाचौंध और शाही शौक की चाहत ने ज्योति को ऐसी राह पर धकेल दिया, जहां उसने देश की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया। यह मामला न केवल ज्योति की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सोशल मीडिया की चमक के पीछे कितना अंधेरा छिपा हो सकता है।
क्या सिखाता है यह मामला?
ज्योति मल्होत्रा की कहानी हमें सिखाती है कि जल्दबाजी में सफलता (success) और शोहरत की चाहत इंसान को गलत रास्ते पर ले जा सकती है। सोशल मीडिया पर चमक-दमक भरी जिंदगी दिखाने की होड़ में लोग कई बार गलत कदम उठा लेते हैं। यह मामला युवाओं के लिए एक सबक है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और ईमानदारी ही सही रास्ता है।
जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं। तब तक, यह कहानी हमें सतर्क रहने और अपने देश के प्रति वफादारी (loyalty) की अहमियत को याद दिलाती है।











