Sirsa Sports nursery biometric, (सिरसा) : सिरसा में खेल विभाग ने खिलाड़ियों की फर्जी हाजिरी पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब जिले की सभी खेल नर्सरियों में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। खिलाड़ियों को तब तक डाइट राशि नहीं मिलेगी, जब तक वे मशीन से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराते। खेल विभाग के निर्देशों के मुताबिक, एक महीने में 22 हाजिरी पूरी करने वाले खिलाड़ी ही डाइट भत्ते के हकदार होंगे। इसके लिए नर्सरी संचालकों को अपनी जेब से बायोमेट्रिक मशीनें खरीदनी होंगी। पहले मैनुअल रजिस्टर में हाजिरी दर्ज होती थी, जिसे पोर्टल पर अपलोड करने के लिए जिला खेल विभाग भेजा जाता था। इस प्रक्रिया में देरी और फर्जीवाड़े की शिकायतें थीं।
बायोमेट्रिक सिस्टम के फायदे
नई बायोमेट्रिक व्यवस्था से हाजिरी तुरंत डिजिटल रूप में दर्ज होगी, जिससे फर्जीवाड़ा खत्म होगा। अनियमित खिलाड़ियों को डाइट राशि नहीं मिलेगी, और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। खिलाड़ी नियमित रूप से नर्सरी आएंगे, जिससे उनकी खेल प्रतिभा में सुधार होगा। पहले मैनुअल हाजिरी में देरी की वजह से भत्ते में महीनों का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब बायोमेट्रिक सिस्टम से यह प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। डाइट राशि समय पर खिलाड़ियों के खाते में पहुंचेगी।
डाइट भत्ते में बढ़ोतरी
सिरसा में 8 से 14 साल के खिलाड़ियों को हर महीने 2,000 रुपये और 15 से 19 साल के खिलाड़ियों को 3,000 रुपये डाइट भत्ता मिलता है। इस साल इसमें 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। बायोमेट्रिक हाजिरी से यह साफ हो जाएगा कि असल में नर्सरी में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को ही भत्ता मिल रहा है। पहले फर्जी हाजिरी की शिकायतें खेल विभाग तक पहुंचती थीं, लेकिन अब इस सिस्टम से पारदर्शिता आएगी।
जिला खेल अधिकारी का बयान
जिला खेल अधिकारी जगदीप कुमार ने बताया कि बायोमेट्रिक हाजिरी से फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगेगी। 22 हाजिरी पूरी करने वाले खिलाड़ियों को ही डाइट राशि मिलेगी। यह नई व्यवस्था न केवल प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित भी करेगी।












