कुरुक्षेत्र (Gita Mahotsav Kurukshetra 2025): अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज शनिवार को धूमधाम से हुआ और पहले दिन ही हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही लोग ब्रह्मसरोवर, मेला ग्राउंड और सरस-शिल्प मेले की ओर लपके। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, परिवार – हर कोई पहुंचा और देर रात तक चहल-पहल बनी रही। पूरा शहर उत्सव के रंग में रंग गया। सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देशभर की संस्कृति का ऐसा मेला लगा कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।
देशभर के कलाकारों ने बिखेरी जादुई छटा
देश के कोने-कोने से आए कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, संगीत, वेशभूषा और कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि दर्शक देर शाम तक तालियां बजाते रहे। हर प्रस्तुति में रंग, परंपरा और ऊर्जा का शानदार मिश्रण दिखा।
शिल्प मेले में भी अलग-अलग राज्यों के कारीगरों ने लकड़ी, मिट्टी, कपड़ा, धातु और बांस की खूबसूरत चीजें सजाईं। कई कारीगर तो सुबह से ही दुकानें सजाने में जुटे रहे। हर तरफ बस रंग और खुशबू ही खुशबू थी।
रविवार को और बड़ा सैलाब आने की तैयारी
पहले दिन की भीड़ देखकर साफ है कि रविवार को तो और ज्यादा लोग आएंगे। छुट्टी का दिन जो है! प्रशासन ने सुरक्षा, पार्किंग, मेडिकल मदद और सूचना केंद्र तक सब कुछ दुरुस्त कर रखा है। स्कूल के बच्चों की छुट्टी होने से उनकी संख्या भी खूब बढ़ने वाली है। कुल मिलाकर रविवार को गीता महोत्सव में जनसैलाब उमड़ने की पूरी तैयारी है।











