Weather Update Heavy rain in 5 states, heat wave alert in many parts: भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल रहा है। जहां पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है, वहीं उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू और गर्म रातों की चेतावनी दी गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 अप्रैल तक असम, मेघालय सहित कई राज्यों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, जबकि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्यों में तापमान में उछाल की आशंका है। आइए जानते हैं मौसम की ताजा स्थिति और इससे बचाव के उपाय।
भारी बारिश का अलर्ट: पूर्वोत्तर और दक्षिण में बरसात
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत में 27 अप्रैल तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। असम और मेघालय में 22 से 27 अप्रैल तक गरज-चमक और 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 23 और 25 अप्रैल को बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।
दक्षिण भारत में कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, केरल, माहे और तमिलनाडु में अगले सात दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी 24 से 26 अप्रैल तक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
लू और गर्मी का कहर: उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत
जबकि कुछ राज्य बारिश की मार झेल रहे हैं, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 22 से 28 अप्रैल तक पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में लू चलने की चेतावनी दी है। बिहार, ओडिशा, और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 22 से 25 अप्रैल तक गर्मी की तीव्रता रहेगी। गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरी रातें परेशानी बढ़ा सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी, और गुजरात जैसे क्षेत्रों में 22 से 26 अप्रैल तक गर्म और आर्द्र मौसम का अनुमान है।
बारिश और गर्मी से बचाव के उपाय
मौसम के इस दोहरे प्रभाव से बचने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। बारिश वाले क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन से सतर्क रहें। घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें और बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों या खुले मैदानों से दूर रहें। लू प्रभावित क्षेत्रों में दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। हल्के कपड़े पहनें, सिर को ढकें, और पानी, नारियल पानी या ORS जैसे पेय पदार्थ पीते रहें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान दें, क्योंकि वे गर्मी और बारिश दोनों के प्रति संवेदनशील होते हैं।
किसानों और यात्रियों के लिए सलाह
किसानों को सलाह है कि बारिश वाले क्षेत्रों में फसलों को जलभराव से बचाने के लिए नालियों की व्यवस्था करें। लू प्रभावित क्षेत्रों में सुबह जल्दी या शाम को खेतों में काम करें और पशुओं के लिए पानी और छाया सुनिश्चित करें। यात्रियों को मौसम अपडेट्स की जांच करनी चाहिए, खासकर हिमालयी क्षेत्रों में, जहां बर्फबारी सड़क यात्रा को प्रभावित कर सकती है। ट्रेन या उड़ान की स्थिति पहले से चेक करें।
मौसम का प्रभाव और जागरूकता
यह मौसमी बदलाव जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। भारी बारिश और लू की घटनाएं अब पहले से ज्यादा तीव्र हो रही हैं। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग लोगों को जागरूक करने और सुरक्षा उपायों को लागू करने में जुटे हैं। आप भी अपने क्षेत्र के मौसम अपडेट्स पर नजर रखें और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।













