एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र उपवास है, जो हर माह दो बार किया जाता है।

पहली बार व्रत रखने के लिए मार्गशीर्ष की उत्पन्ना एकादशी सबसे शुभ मानी जाती है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन एकादशी माता का जन्म हुआ था।

पंचांग के अनुसार, उत्पन्ना एकादशी 15 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी।

यह तिथि 15 नवंबर सुबह 12:49 से 16 नवंबर सुबह 2:37 बजे तक रहेगी।

एकादशी व्रत हर व्यक्ति रख सकता है विवाहित, अविवाहित, पुरुष या महिला।

इस व्रत से पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

व्रत के दौरान फल, दूध, साबूदाना और सात्विक आहार का सेवन करें।

व्रत समाप्ति पर द्वादशी तिथि में दान करें और ब्राह्मण को भोजन कराएं।

एकादशी व्रत से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।