Innovation and Natural Farming: Innovation and natural farming will become the new identity in agriculture: Shivraj Singh Chouhan’s big announcement: (कृषि में नवाचार और प्राकृतिक खेती) को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
उन्होंने पीएम धन-धान्य योजना, मखाना बोर्ड गठन, कृषि स्टार्टअप्स और प्राकृतिक खेती को भारत की कृषि की नई पहचान बताया। साथ ही छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू कर देश की खाद्य सुरक्षा में योगदान दें।
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वे स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लें और अपने ज्ञान को खेतों तक पहुंचाएं। उन्होंने बिहार की कृषि विविधता जैसे मक्का, लीची और मखाना की सराहना की और मखाना बोर्ड के गठन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। (Natural Farming Textbook)
पीएम धन-धान्य योजना और स्टार्टअप्स से आएगा बदलाव Innovation and Natural Farming
शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में घोषित (PM Dhan Dhanya Scheme) का उल्लेख करते हुए बताया कि यह योजना देश के 100 कृषि जिलों में उत्पादन बढ़ाने के लिए बनाई गई है। इसके तहत फसल विविधीकरण, भंडारण, प्रोसेसिंग और सिंचाई जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कृषि स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर हम खेती को आधुनिकता से जोड़ सकते हैं। छोटी मशीनों के माध्यम से मशीनीकरण को गांव-गांव तक पहुंचाना होगा। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। (Agriculture Startup India)
प्राकृतिक खेती से धरती की सेहत सुधरेगी
चौहान ने प्राकृतिक खेती को धरती की सेहत के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जबकि प्राकृतिक खेती से पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों को लाभ होता है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे इस दिशा में शोध करें और इसे व्यावहारिक रूप से अपनाएं। (Innovation and Natural Farming in Agriculture)
अंत में उन्होंने विश्वविद्यालय के योगदान की सराहना की और कहा कि पूसा जैसे संस्थान भारत की कृषि को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।












