Internet Ban Till 17 February: हरियाणा के इन सात जिलों में इंटरनेट अब 17 फरवरी तक रहेगा बैन
अंबाला। Haryana Internet Ban : हरियाणा ने अब 17 फरवरी तक इंटरनेट पर पाबंदी रहेगी। 17 फरवरी रात 12:00 बजे तक हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल,जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेगी। पंजाब से चले किसान आंदोलन को हरियाणा के किसान संगठनों का समर्थन मिलना शुरू हो गया है। पिछले किसान आंदोलन में सक्रिय भूमिका में रहे भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट ने भी आपात बैठक कर कुछ निर्णय लिए हैं।
टोल प्लाजा कराए फ्री
कल शुक्रवार को प्रदेश के सभी टोल प्लाजा दोपहर 12 से शाम तीन बजे तक फ्री कराए जाएंगे तो वहीं अगले दिन शनिवार को तहसील स्तर पर ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। यह आंदोलन हरियाणा के साथ-साथ चढ़ूनी गुट से जुड़े दूसरे राज्यों के किसान भी अपने-अपने स्तर पर उसी अनुसार चलाएंगे।
हरियाणा की ओर से सक्रिय भूमिका निभाने वाले गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व वाले गुट भाकियू चढ़ूनी ने भी आपात बैठक कर बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को प्रदेशभर के टोल प्लाजा फ्री कराए जाने का एलान किया है। वहीं शनिवार को प्रदेशभर में तहसील स्तर पर ट्रैक्टर मार्च भी निकाला जाएगा।
इसके बाद रविवार को ब्रह्मसरोवर तट पर सभी संगठरनों, खाप पंचायतों व अन्य संगठनों की अहम बैठक बुलाई गई है। जिसमें आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर रूपरेखा बनाई जाएगी। ये फैसला गुरुवार को गुरनाम सिंह चढ़ूनी की अध्यक्षता में बुलाई गई आपात बैठक में लिया गया है।
भाकियू चढ़ूनी ने साथ ही आंदोलन कर रहे किसानों की मांगों पर नैतिक समर्थन भी किया है। इससे पहले भी कई किसान संगठन आंदोलन कर रहे किसानों की मांगों का समर्थन कर चुके हैं। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में आखिरकार भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट भी किसान आंदोलन में कूद गया है। भले ही पंजाब सीमा पर डटे किसानों के साथ चढ़ूनी गुट से जुड़े किसान नहीं दिखाई देंगे, लेकिन उनकी मांगों के समर्थन में लगातार सड़कों पर उतरेंगे।
पब्लिक सेफ्टी के लिए नियम
इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि लोक आपात (पब्लिक इमरजेंसी ) या लोक सुरक्षा (पब्लिक सेफ्टी ) आदि के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकतम 15 दिनों के लिए किसी क्षेत्र में दूरसंचार सेवाएं जिनमे मोबाइल इंटरनेट सेवा भी शामिल है को निलंबित ( सस्पेंड) किया जा सकता है।
केंद्रीय गृह सचिव या प्रदेश के गृह सचिव प्राधिकृत हैं
हालांकि केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव रैंक का अधिकारी, जिसे केंद्रीय गृह सचिव या प्रदेश के गृह सचिव द्वारा प्राधिकृत किया गया हो, वह भी अपरिहार्य परिस्थितियों में ऐसा आदेश दे सकता है हालांकि इसके 24 घंटो के भीतर उस आदेश को सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदित करवाना आवश्यक है अन्यथा वह अप्रभावी हो जाएगा. ऐसे आदेश में टेलीकॉम/इंटरनेट सेवा को सस्पेंड करने का कारणों का भी उल्लेख होना चाहिए एवं इन आदेशों की एक प्रति रिव्यु कमेटी को भेजनी होगी।
Internet Ban Rules: नियमानुसार मोबाइल इंटरनेट अधिकतम 15 दिनों तक किया जा सकता है सस्पेंड