Bajaj-TVS dominate the electric two-wheeler market, startups like Ola-Ather face tough competition: भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में एक रोमांचक बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां कुछ साल पहले ओला इलेक्ट्रिक और एथर एनर्जी जैसे स्टार्टअप्स ने बाजार में तहलका मचा दिया था, वहीं अब पारंपरिक दिग्गज कंपनियां जैसे टीवीएस मोटर, बजाज ऑटो, और हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले महीने, अप्रैल 2025 के बिक्री आंकड़े इस बात का सबूत यह दर्शाते हैं कि कैसे ये पुराने खिलाड़ी नए स्टार्टअप्स को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज का वह बयान अब सच साबित होता दिख रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पारंपरिक कंपनियां स्टार्टअप्स को “नाश्ते की तरह खा जाएंगी।”
Bajaj-TVS: अप्रैल 2025: रिकॉर्ड तोड़ बिक्री
अप्रैल 2025 में भारत में कुल 91,791 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री हुई, जो पिछले साल अप्रैल की 66,878 यूनिट्स की तुलना में 40% की शानदार वृद्धि दर्शाती है। लेकिन इस बिक्री में सबसे बड़ा आश्चर्य यह रहा कि पांच पारंपरिक ऑटोमोबाइल कंपनियों [टीवीएस मोटर, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, ग्रीव्स इलेक्ट्रिक, और काइनेटिक ग्रीन] ने मिलकर कुल बिक्री का 55% हिस्सा हासिल किया। इन कंपनियों ने कुल 50,166 यूनिट्स बेचीं, जो स्टार्टअप्स की तुलना में कहीं अधिक है।
टीवीएस और बजाज का जलवा
टीवीएस मोटर ने अपने iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ बाजार में धूम मचाई। अप्रैल में 19,736 यूनिट्स की बिक्री के साथ टीवीएस ने पहला स्थान हासिल किया। दूसरी ओर, बजाज चेतक ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 19,001 यूनिट्स बेचीं। यह वही बजाज चेतक है, जो पहले कई महीनों तक नंबर-1 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रह चुका है। इन दोनों कंपनियों ने अपनी मजबूत डीलर नेटवर्क, ब्रांड वैल्यू, और किफायती कीमतों का फायदा उठाते हुए स्टार्टअप्स को पीछे छोड़ दिया।
हीरो मोटोकॉर्प और अन्य पारंपरिक खिलाड़ी
दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने अपने Vida इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ देर से बाजार में प्रवेश किया, लेकिन 6,123 यूनिट्स की बिक्री के साथ इसने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इसके अलावा, ग्रीव्स इलेक्ट्रिक और काइनेटिक ग्रीन ने मिलकर 4,300 यूनिट्स बेचीं। इन पारंपरिक कंपनियों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उनके पास सीमित मॉडल्स होने के बावजूद, उनकी उत्पादन क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला, और ग्राहक विश्वास स्टार्टअप्स से कहीं बेहतर है।
स्टार्टअप्स की चुनौतियां
दूसरी ओर, स्टार्टअप्स के लिए यह महीना निराशाजनक रहा। ओला इलेक्ट्रिक ने 19,709 यूनिट्स बेचकर दूसरा स्थान तो हासिल किया, लेकिन इसके आधा दर्जन से अधिक मॉडल्स होने के बावजूद यह टीवीएस से पीछे रह गई। एथर एनर्जी ने 13,167 यूनिट्स बेचीं, जो सम्मानजनक है, लेकिन यह भी पारंपरिक कंपनियों के सामने कम पड़ गई। अन्य स्टार्टअप्स जैसे प्योर एनर्जी, रिवोल्ट मोटर्स, ओकिनावा ऑटोटेक, और अल्ट्रावायलेट सहित करीब 20 कंपनियों ने मिलकर केवल 38,386 यूनिट्स बेचीं। कई स्टार्टअप्स तो 100 यूनिट्स का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए, जो उनके लिए चिंता का विषय है।
भविष्य की जंग
यह जंग अभी खत्म नहीं हुई है। स्टार्टअप्स अपनी तकनीकी नवाचार और आक्रामक मार्केटिंग रणनीतियों के दम पर वापसी कर सकते हैं। लेकिन पारंपरिक कंपनियां अपनी अनुभवी रणनीतियों, बड़े पैमाने पर उत्पादन, और ग्राहकों के बीच भरोसे के दम पर फिलहाल बाजार पर राज कर रही हैं। अप्रैल 2025 के आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अब केवल स्टार्टअप्स का दबदबा नहीं रहा। क्या स्टार्टअप्स इस चुनौती का जवाब दे पाएंगे, या पारंपरिक दिग्गज उन्हें “नाश्ते की तरह खा जाएंगे”? यह देखना दिलचस्प होगा।












