Haryana new governor: Asim Kumar Ghosh becomes the new Governor of Haryana, appointed by the President: भारत के राष्ट्रपति द्वारा सोमवार को हरियाणा के नए राज्यपाल के तौर पर असीम कुमार घोष की नियुक्ति की गई है। इससे राज्य में प्रशासनिक नेतृत्व में नया परिवर्तन आया है। असीम घोष भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और लंबे समय तक संगठनात्मक भूमिका निभाते आए हैं।
वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से ताल्लुक रखते हैं। उनके राजनीति में वर्षों के अनुभव को देखते हुए राष्ट्रपति ने यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।
पश्चिम बंगाल से हरियाणा तक: घोष की भूमिका में बड़ा विस्तार Haryana new governor
असीम घोष हाल ही में हावड़ा लोकसभा सीट से उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी के तौर पर सामने आए थे। उनका नाम पार्टी द्वारा घोषित किया गया था। यह सीट सांसद अंबिका बनर्जी के निधन के बाद खाली हुई थी।
इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने पूर्व फुटबॉलर प्रसून बनर्जी को मैदान में उतारा, जबकि कांग्रेस ने अधिवक्ता सनातन मुखर्जी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। घोष की राज्यपाल नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति शारदा चिटफंड मामले और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक अग्निपरीक्षा के दौर से गुजर रही है।
राज्यपाल की भूमिका और हरियाणा में प्रभाव
राज्यपाल किसी राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। वे प्रशासनिक समन्वय, विधान प्रक्रिया की निगरानी और सरकार से जुड़े मामलों में सलाह देते हैं। हरियाणा के नए राज्यपाल के रूप में असीम घोष की नियुक्ति से उम्मीद है कि प्रशासनिक प्रक्रिया में नई गति आएगी।
उनकी नियुक्ति हरियाणा और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्यों की राजनीति को जोड़ती है, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में भी संदेश गया है। अब सभी की नजरें असीम घोष की नई भूमिका और उनके कामकाज पर टिकी होंगी।










