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New Toll System: टोल सिस्टम: फास्टैग की जगह ANPR तकनीक, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर क्रांति!

On: June 1, 2025 8:15 AM
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New Toll System: टोल सिस्टम: फास्टैग की जगह ANPR तकनीक, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर क्रांति!
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New Toll System: Toll System: ANPR technology instead of Fastag, revolution on Delhi-Meerut Expressway: टोल सिस्टम (Toll System) में क्रांतिकारी बदलाव आ गया है! दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे ने भारत के हाईवे को भविष्य की राह दिखाई।

अब टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं। ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक से गाड़ी का नंबर स्कैन होगा। फास्टैग से टोल अपने आप कटेगा। यह तकनीक समय बचाएगी। ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम होंगे। सड़क परिवहन मंत्रालय इसे देशभर में लागू करने की योजना बना रहा है। आइए, इस (Toll System) की खासियत और फायदे जानें!

दिल्ली-मेरठ: टोल का नया मॉडल New Toll System

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नया टोल सिस्टम (Toll System) पायलट प्रोजेक्ट है। इसका ट्रायल सफल रहा। ANPR तकनीक से टोल वसूली तेज और आसान हो गई।

गाड़ी एंट्री और एग्जिट पॉइंट से गुजरती है। कैमरे नंबर प्लेट स्कैन करते हैं। फास्टैग से टोल कट जाता है। सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) इसे देश के अन्य हाईवे पर लागू करेगा। यह मॉडल यात्रा को सुगम बनाएगा। पारदर्शिता भी बढ़ेगी। भविष्य का टोल सिस्टम यही है!

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ANPR तकनीक की जादुई ताकत

ANPR यानी ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैसे काम करता है? यह डिजिटल कैमरा तकनीक है। गाड़ी टोल पॉइंट से गुजरती है। कैमरे नंबर प्लेट की तस्वीर लेते हैं।

नंबर प्लेट फास्टैग से लिंक होती है। टोल शुल्क अपने आप कट जाता है। इस (Toll System) में ड्राइवर को गाड़ी रोकने की जरूरत नहीं। न खिड़की खोलनी पड़ती है। न कार्ड दिखाना पड़ता है। यह तकनीक तेज, स्मार्ट और भरोसेमंद है।

पुराने टोल सिस्टम से बेहतर क्यों?

नया टोल सिस्टम (Toll System) पुराने तरीके से कहीं बेहतर है। यह समय बचाता है। हर गाड़ी का 3-5 मिनट बचता है। टोल प्लाजा पर भीड़ खत्म होगी। ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

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गाड़ियों का स्टार्ट-स्टॉप कम होने से प्रदूषण घटेगा। टोल वसूली डिजिटल है। धोखाधड़ी की गुंजाइश नहीं। यह तकनीक पारदर्शी और पर्यावरण के लिए अच्छी है। यात्री बिना रुके सफर का मजा लेंगे। यह बदलाव गेम-चेंजर है!

GPS टोल सिस्टम पर क्यों रुकी बात?

हाल ही में GPS आधारित टोल सिस्टम की चर्चा थी। लेकिन इसे रोक दिया गया। विशेषज्ञों ने सुरक्षा और तकनीकी समस्याएं बताईं। GPS सिग्नल में रुकावट हो सकती है।

हैकिंग और डेटा लीक का खतरा है। इसलिए सरकार ने ANPR पर फोकस किया। यह टोल सिस्टम (Toll System) ज्यादा सुरक्षित है। दिल्ली-मेरठ का मॉडल इसका सबूत है। GPS सिस्टम पर भविष्य में विचार हो सकता है। लेकिन अभी ANPR ही आगे है।

देशभर में ANPR का विस्तार

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सड़क परिवहन मंत्रालय का प्लान बड़ा है। दिल्ली-मेरठ की सफलता के बाद ANPR टोल सिस्टम (Toll System) देशभर में आएगा। मुंबई-पुणे, बेंगलुरु-मैसूर, लखनऊ-आगरा जैसे एक्सप्रेसवे पर यह लागू होगा। टेंडर जारी हो चुके हैं। दिल्ली-मेरठ पर 100 से ज्यादा हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगे हैं।

सेंसर गेट, AI कैमरे और फास्टैग रीडर एक साथ काम करते हैं। सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम डेटा सुरक्षित रखता है। यह यात्रियों के लिए वरदान बनेगा।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

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