कुरुक्षेत्र, 01 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सेकेंडरी स्तर (9वीं और 10वीं) की परीक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव किया है। बोर्ड द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, अब विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा 80 अंकों की होगी। यह फैसला अन्य मुख्य विषयों जैसे हिंदी, अंग्रेजी और गणित के साथ एकरूपता लाने के लिए लिया गया है। पहले विज्ञान में प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट का दबदबा ज्यादा था, जिसे अब काफी सीमित कर दिया गया है।
प्रैक्टिकल के अंकों में भारी कटौती
बोर्ड के इस निर्णय से राज्य के लाखों विद्यार्थियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इससे पहले विज्ञान विषय में प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के कुल 40 अंक होते थे, जिन्हें अब आधा करके केवल 20 अंक (10 प्रैक्टिकल + 10 इंटरनल) तक समेट दिया गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से छात्रों में केवल प्रैक्टिकल के भरोसे पास होने की प्रवृत्ति खत्म होगी और वे विषय की गहराई को समझने के लिए लिखित परीक्षा की तैयारी पर अधिक ध्यान देंगे।
पास होने के लिए 33% का फॉर्मूला
बोर्ड का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पूरे साल पढ़ाई के प्रति सक्रिय रखना है। पास होने के मानदंडों में स्पष्ट किया गया है कि छात्रों को लिखित, प्रयोगात्मक और आंतरिक मूल्यांकन के कुल योग में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने अनिवार्य होंगे। बोर्ड ने सभी स्कूलों और शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों को नए एग्जाम डिजाइन और संशोधित पाठ्यक्रम के अनुसार ही तैयारी करवाएं। भिवानी बोर्ड की वेबसाइट पर पेपर का नया खाका भी उपलब्ध करा दिया गया है।
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