Child flu vaccine: बच्चों को सर्दी और H3N2 वायरस से बचाव करेगा ये टीका, जानिए क्यों जरूरी है

H3N2 influenza prevention: बच्चों को फ्लू इन्फेक्शन से कैसे रोकें: कुछ बातों का अगर ध्यान रखा जाए तो बच्चों को इस वायरस से बचाने की कोशिश कर सकते हैं। जैसे बच्चों को बार-बार मुंह पर और आंखों पर हाथ लगाने से मना करें। बच्चों को बीमार लोगों के आसपास न जाने दें। क्लास में किसी को इन्फेक्शन है तो स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन को इसकी जानकारी होनी चाहिए। बच्चों को बताएं कि छींकते या खांसते समय मुंह पर हाथ या रुमाल रखें। समय-समय पर हाथ धोते रहें। बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में समझाएं।
क्या है फ्लू शॉट या टीका
फ्लू शॉट या फ्लू जैब एक वैक्सीन है जो हमारे शरीर को इंफ्लूएंजा वायरस से बचाती है। इस वैक्सीन को लगवाने के बाद शरीर में इंफ्लूएंजा वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज बन जाती है। इससे वायरस के शरीर को अटैक करने से पहले ही शरीर का इम्यूनिटी सिस्टम डिवेलप हो जाता है और हम बीमार पड़ने से 60फीसदी से 70 फीसदी तक बच जाते हैं।
फ्लू के लक्षण क्या
सिरदर्द, बुखार, खांसी, नाक बहना, उल्टी, पेट खराब, गले में खराश।
कैसे दिया जाता है फ्लू शॉट
फ्लू का टीका आमतौर पर बांह के ऊपरी हिस्से में इंजेक्शन के जरिए दिया जाता है।
इसमें कोई खास दर्द भी नहीं होता है। फ्लू शॉट लगवाने से पहले अपने हाथ को हिलाएं। शॉट लेने के बाद भी हाथ हल्का-हल्का हिलाते रहें। इससे दर्द थोड़ा कम होगा।
फ्लू का टीका कैसे काम करता है
फ्लू का टीका इंसान के शरीर में एंटीबॉडीज बनाता है। इससे इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। फ्लू के टीके में ऐसा प्रोटीन मौजूद है, जो सीजनल बीमारियों को होने से रोकता है।
क्या फ्लू टीका हर साल जरूरी
फ्लू के वायरस लगातार म्यूटेट होते रहते हैं। हर साल उनका नया स्ट्रेन सामने आ जाता है। पिछले साल की वैक्सीन आपको इस साल के वायरस से प्रोटेक्ट नहीं कर पाती है इसलिए हर साल फ्लू के लिए नई वैक्सीन आती है। इसे लगवाने से वायरल और सीजनल इन्फेक्शन दोनों से बच सकते हैं।
इसे कौन ले सकता है और यह कब लेना सही
बता दें हर साल सितम्बर-अक्टूबर और मार्च-अप्रैल के समय फ्लू शॉट का नया वर्जन आता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को फ्लू का टीका लेना चाहिए। इसके बाद इसे लेने से आप पर बदलते मौसम और इंफ्लूएंजा का असर कम होगा। इंडियन एकेडमी आॅफ पीडियाट्रिक्स के मुताबिक 6 महीने से 5 साल तक की उम्र के सभी बच्चों को साल में एक बार फ्लू का टीका लगवाना जरूरी है।
क्या एक है कोरोना और फ्लू टीका
नहीं। यह दोनों अलग-अलग है। जिन लोगों को लग रहा है कि कोविड का टीका फ्लू से भी बचा लेगा, वो गलत है। दोनों बीमारी एक नहीं है। जब बीमारी ही एक नहीं तब टीके भी अलग ही होंगे। इसलिए इंफ्लूएंजा से बचाव करने के लिए फ्लू का टीका ही लगवाना होगा।
फ्लू का टीका कहां लगेगा, कितना खर्चा आएगा
हर सरकारी हॉस्पिटल में फ्लू का टीका नहीं लगता है। लेकिन एम्स जैसे बड़े हॉस्पिटल में और ज्यादातर प्राइवेट हॉस्पिटल में लग जाता है। इस टीके की शुरूआती कीमत 1000 रुपए हैं। शहर, हॉस्पिटल और कंपनी के हिसाब से इसकी कीमत बदल जाती है।
फ्लू टीका लेने के नुकसान क्या
जी हां, कुछ मामूली साइड इफेक्ट्स होते हैं। जैसे-जहां टीका लगवाया है उस जगह पर दर्द और सूजन हो सकती है। मसल्स में दर्द और खिंचाव महसूस हो सकता है।
सिरदर्द भी हो सकता है। बुखार आ सकता है। नाक बहना या एलर्जी हो सकती है। वहीं कुछ लोगों को शरीर में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, हार्ट रेट बढ़ना या कमजोरी महसूस हो सकती है, ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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