Ghaziabad Corona cases : गाजियाबाद जिले में तीन महीने बाद मिला कोरोना संक्रमण का मरीज

Haryana News Post, (गाजियाबाद) Corona positive found in Ghaziabad : केरल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कोरोना के मामले मिलने के बाद गाजियाबाद में भी कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया है। जिले में नगर निगम के पार्षद में कोविड की पुष्टि हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग निगम पार्षद की टेस्ट रिपोर्ट के मानने से इनकार करते हुए सरकारी लैब में दोबारा जांच करवाने की बात कह रहा है।
यदि सरकारी लैब की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो संक्रमित का सैंपल जीनोम के लिए भेजा जाएगा। जिले में तीन महीने बाद कोविड का मामला सामने आया है। जिले में इस साल फरवरी में कोरोना संक्रमण का फैलाव होना शुरु हुआ था जो मई तक चला था। उसके बाद से जिले में एक या दो महीने में कोविड के मामले सामने आ रहे थे।
लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन मामलों को छुपाया जा रहा था। जिले में 10 अक्टूबर को इंदिरापुरम में कोरोना का अंतिम मामला सामने आया था। उसके बाद बुधवार को नगर निगम के पार्षद अमित त्यागी को कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई है। अमित त्यागी को पिछले कुछ दिनों से खांसी, गले में दर्द और सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
उन्होंने सीनियर ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. बीपी त्यागी से उपचार शुरु किया। दवा लेने के बाद भी ज्यादा आराम नहीं मिलने पर मंगलवार को अमित त्यागी का एंटीजन टेस्ट किया गया, जो पॉजिटिव आया। इसके बाद डॉ. बीपी त्यागी ने उनका आरटी-पीसीआर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा। बुधवार को सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। फिलहाल अमित त्यागी को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनके परिवार के सभी सदस्यों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि जिस लैब से अमित त्यागी का जांच हुई है वह विश्वसनीय नहीं है। विभाग की ओर से अमित त्यागी का सैंपल लेकर दोबारा जांच करवाई जाएगी। इसके साथ ही परिवार के सभी सदस्यों की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होती है तो संक्रमित का सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जा सकता है।
कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं
अमित त्यागी ने बताया कि वह पिछले काफी समय से शहर से बाहर नहीं गए हैं। उन्हें यह भी याद नहीं कि वह किसी बुखार या खांसी के मरीज के संपर्क में आए थे। उन्होंने बताया कि 16 दिसंबर से उन्हें परेशानी होना शुरु हुई थी और 17,18 दिसंबर को उनकी हालत ज्यादा खराब थी। जिसके बाद वह डॉक्टर के पास गए। फिलहाल दवा लेने के बाद उन्हें काफी आराम है। उन्होंने खुद को घर में आइसोलेट कर लिया है और परिवार के सदस्यों को भी एहतियात बरतने को कहा है।
शासन से नहीं आई गाइड लाइन
कोरोना संक्रमण को लेकर केंद्र सरकार की ओर से गाइड लाइन जारी की जा चुकी है, लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से फिलहाल गाइड लाइन जारी नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता के अनुसार जिले में कोरोना संक्रमितों के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है। जिले में कोविड नियंत्रण को लेकर बनाई गई व्यवस्थाओं को दोबारा से सुचारू किया जा रहा है।
जिले में बरती जा रही है सावधानी
इन्फ्लूएंजा जैसे संक्रमण (आईएलआई) और सीवियर एक्यूट रेस्पेटरी इन्फैक्शन (सारी) सांस लेने में परेशानी के लक्षण मिस्टीरियस निमोनिया और कोरोना से मिलते जुलते हैं। मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आईएलआई और सारी कंट्रोल रूम की स्थापना की है। इसके साथ ही पूरे जिले में आईएलआई और सारी मरीजों की खोज की जा रही है।
इसके साथ ही जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों को भी सर्दी, खांसी, जुकाम,बुखार और सांस लेने में परेशानी के मरीजों की कोरोना जांच करवाने के साथ ही उनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जिले में आईएलआई और सारी के मरीजों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया जा चुका है। विभागीय टीमों को सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए डेंगू अभियान में जुटी टीमों को ही जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले में ये हैं व्यवस्थाएं
ऑक्सीजन प्लांट की संख्या-11
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर-473
ऑक्सीजन बेड-1104
वेंटीलेटर बेड-55
एंबुलेंस--33
जांच टीमें-50
आरआर टीमें-75
निगरानी समिति-447
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