IPL Purple Cap 2026 : क्रिकेट फैंस का लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। 28 मार्च से शुरू हुए आईपीएल 2026 के 19वें सीजन को अपनी दो सबसे सर्वश्रेष्ठ फाइनलिस्ट टीमें मिल चुकी हैं। लीग स्टेज के 70 कड़े मुकाबलों, क्वालिफायर-1, एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 की घमासान के बाद अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) खिताबी जंग के लिए आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह महामुकाबला 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसे लेकर दर्शकों का उत्साह सातवें आसमान पर है।
गुजरात टाइटंस ने क्वालिफायर-2 के नॉकआउट मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से करारी शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया है। इस पूरे सीजन में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच गेंद और बल्ले की जबरदस्त जंग देखने को मिली है। खासकर हरियाणा के घरेलू क्रिकेट से निकले अंशुल कंबोज जैसे युवा गेंदबाजों ने इस बार बड़े मंच पर अपनी रफ्तार का लोहा मनवाया है, जिससे आईपीएल का रोमांच कई गुना बढ़ गया है।
कगिसो रबाडा ने छीनी पर्पल कैप, भुवी दूसरे पायदान पर
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शानदार गेंदबाजी के दम पर गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा अब पर्पल कैप लीडरबोर्ड में शीर्ष पर काबिज हो गए हैं। रबाडा ने इस सीजन में अब तक खेले 16 मैचों में कुल 28 विकेट चटकाए हैं। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी स्विंग सुल्तान भुवनेश्वर कुमार दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। भुवी के नाम 15 मैचों में 26 विकेट दर्ज हैं और 31 मई को होने वाले फाइनल मैच में उनके पास दोबारा नंबर वन बनने का सुनहरा मौका होगा।
इस सीजन के टॉप-5 गेंदबाजों की सूची पर नजर डालें तो इसमें सिर्फ दो ही भारतीय नाम शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स के जोफ्रा आर्चर 16 मैचों में 25 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर हैं। चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलने वाले भारतीय युवा सनसनी अंशुल कंबोज 14 मैचों में 21 विकेट लेकर चौथे पायदान पर चमक रहे हैं। पांचवें स्थान पर सनराइजर्स हैदराबाद के ईशान मलिंगा हैं, जिन्होंने 15 मैचों में 20 विकेट अपने नाम किए हैं।
इतिहास के पन्नों में पर्पल कैप का सफर
आईपीएल इतिहास की बात करें तो साल 2008 में खेले गए पहले सीजन की पर्पल कैप राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर के नाम रही थी, जिन्होंने महज 11 मैचों में 22 विकेट झटके थे। इसके बाद से लगातार गेंदबाजों के बीच इस प्रतिष्ठित कैप को हासिल करने की होड़ मची रहती है। पिछले सीजन यानी साल 2025 में गुजरात टाइटंस के प्रसिद्ध कृष्णा ने 15 मैचों में 25 विकेट लेकर इस चमचमाती कैप पर अपना कब्जा जमाया था।
क्रिकेट के इस सबसे बड़े मंच पर अब तक हुए 18 सीजनों में भारतीय गेंदबाजों का दबदबा थोड़ा ज्यादा रहा है। पर्पल कैप की इस रेस में भारतीय बनाम विदेशी खिलाड़ियों का आंकड़ा 10-8 का रहा है। कुल 10 बार भारतीय गेंदबाजों ने बाजी मारी है, जबकि 8 बार विदेशी गेंदबाजों के सिर यह ताज सजा है। आईपीएल के इतिहास में ड्वेन ब्रावो, भुवनेश्वर कुमार और हर्षल पटेल ही ऐसे तीन गेंदबाज हैं जिन्होंने दो-दो बार पर्पल कैप जीतने का कारनामा किया है। इसमें भी भुवनेश्वर कुमार के नाम लगातार दो सीजन (2016 और 2017) पर्पल कैप जीतने का इकलौता रिकॉर्ड दर्ज है।
पर्पल कैप के साथ ट्रॉफी उठाने वाले 3 लकी गेंदबाज
आईपीएल के इतिहास में पर्पल कैप जीतना जितना मुश्किल है, उसी सीजन में अपनी टीम को चैंपियन बनाना उससे भी ज्यादा दुर्लभ संयोग माना जाता है। सभी 18 सीजनों के पर्पल कैप विजेताओं में से केवल तीन खिलाड़ी ही ऐसे खुशकिस्मत रहे हैं, जिन्होंने एक ही साल में पर्पल कैप भी जीती और आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी भी चूमी।
साल 2008 के पहले सीजन में सोहेल तनवीर ने 22 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती थी और उसी साल राजस्थान रॉयल्स चैंपियन बनी थी। इसके अगले साल यानी 2009 में डेक्कन चार्जर्स के तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने 23 विकेट चटकाकर पर्पल कैप हासिल की और टीम को खिताब भी दिलाया। इस फेहरिस्त में तीसरा बड़ा नाम भुवनेश्वर कुमार का है, जिन्होंने साल 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए 23 विकेट चटकाए थे और उसी साल हैदराबाद ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था। अब देखना दिलचस्प होगा कि 31 मई को रबाडा या भुवी में से कौन इस जादुई लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा पाता है। #IPL2026 #PurpleCap #RCBvsGT #CricketNews
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