ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Jindal University Sonipat: सोनीपत की जिंदल यूनिवर्सिटी में हैवानियत, छात्र की बेरहमी से पिटाई, 8 सस्पेंड

On: अप्रैल 27, 2025 12:24 अपराह्न
Follow Us:
Jindal University Sonipat: सोनीपत की जिंदल यूनिवर्सिटी में हैवानियत, छात्र की बेरहमी से पिटाई, 8 सस्पेंड
Join WhatsApp Group

Brutality in Jindal University Sonipat, Student brutally beaten, 8 suspended: सोनीपत की ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह बेहद शर्मनाक है। हॉस्टल में एक छात्र के साथ आठ अन्य छात्रों द्वारा बेरहम मारपीट की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया।

पीड़ित छात्र को कान पकड़कर उठक-बैठक करवाने और कपड़े उतारने की धमकी देने के बाद बेतहाशा पीटा गया। विश्वविद्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठों आरोपियों को निलंबित कर दिया है, और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आइए, इस घटना के हर पहलू को समझते हैं और जानते हैं कि यह मामला क्यों चर्चा में है।

हॉस्टल में बर्बरता की हद Jindal University Sonipat

यह घटना शुक्रवार देर शाम की है, जब ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के लॉ के प्रथम वर्ष के एक छात्र को उसके दोस्त ने अपने हॉस्टल के कमरे में बुलाया। वहां पहले से तीन अन्य छात्र मौजूद थे, और कुछ देर बाद दो और छात्र आ गए। बातचीत के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

आरोप है कि इन छात्रों ने पीड़ित के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसे अपमानजनक तरीके से कान पकड़कर उठक-बैठक करवाई। इतना ही नहीं, उन्होंने उससे पैंट उतारने की मांग की। जब छात्र ने इसका विरोध किया, तो सभी ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।

मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता
मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता

चोटें और डर का माहौल

मारपीट इतनी क्रूर थी कि पीड़ित की शर्ट फट गई। एक छात्र ने अपने हाथ में पहने कड़े से उस पर वार किए, जिससे उसके होंठ, गर्दन, सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं।

बार-बार विनती करने के बावजूद उसे नहीं छोड़ा गया और धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को बताया, तो उसे फिर पीटा जाएगा। घायल अवस्था में उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना ने न केवल पीड़ित छात्र, बल्कि उसके परिवार और अन्य छात्रों को भी डर के साये में ला दिया।

अभिभावक की शिकायत और विश्वविद्यालय की कार्रवाई

पीड़ित छात्र के अभिभावक ने तुरंत विश्वविद्यालय प्रबंधन को इस घटना की शिकायत की। उन्होंने डायल 112 पर भी सूचना दी। विश्वविद्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को आठों आरोपी छात्रों को तत्काल निलंबित कर दिया। विश्वविद्यालय की प्रवक्ता अंजु मोहन ने स्पष्ट किया कि यह रैगिंग का मामला नहीं है, बल्कि दो छात्र समूहों के बीच मारपीट की घटना है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय रैगिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाता है और इसमें शामिल छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, जैसे निष्कासन, भी की जा सकती है। अभिभावक को FIR न दर्ज कराने के लिए मनाया गया, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है।

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

जिंदल यूनिवर्सिटी का विवादों से नाता

यह पहली बार नहीं है जब ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हो। कुछ दिन पहले एक छात्रा को सूटकेस में ले जाने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद छह छात्रों को निलंबित किया गया था।

इसके अलावा, फरवरी में बीए क्रिमिनोलॉजी के एक छात्र के साथ सीनियर छात्रों द्वारा मारपीट और उसकी चेन व मोबाइल तोड़ने की घटना भी सामने आई थी। इन घटनाओं ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और छात्र अनुशासन पर सवाल खड़े किए हैं।

छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश

इस घटना ने छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा और चिंता पैदा कर दी है। अभिभावक यह सवाल उठा रहे हैं कि एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं।

कई छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। यह घटना विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि ऐसी वारदातों को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने होंगे।

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड

समाज के लिए सबक

यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और सुरक्षा कितनी जरूरी है। विश्वविद्यालयों को न केवल पढ़ाई, बल्कि छात्रों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग को बढ़ावा देने पर भी ध्यान देना होगा। अभिभावकों और छात्रों को भी चाहिए कि वे किसी भी तरह की हिंसा या उत्पीड़न की घटना को तुरंत प्रशासन के सामने लाएं।

आगे की राह

पुलिस की जांच से इस मामले की सच्चाई जल्द सामने आएगी। विश्वविद्यालय को चाहिए कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करे और हॉस्टल में सुरक्षा बढ़ाए। यह समय है कि हम सब मिलकर एक सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल बनाने की दिशा में काम करें।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment