Hisar Police-Youth Clash: Chaos over stopping DJ at birthday party, one dead: हिसार (Hisar) की सड़कों पर एक जन्मदिन पार्टी का जश्न उस वक्त मातम में बदल गया, जब पुलिस और युवकों के बीच डीजे बंद कराने को लेकर टकराव (Hisar Police-Youth Clash) हो गया। सोमवार रात भारत नगर में हुई इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया।
एक युवक की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर ने स्थानीय लोगों में गुस्सा और दुख पैदा कर दिया है। आइए, इस घटना के पीछे की पूरी कहानी को समझते हैं।
जन्मदिन का जश्न बना तनाव का कारण Hisar Police-Youth Clash
हिसार के मिलगेट इलाके में सोमवार रात करीब 11:30 बजे एक जन्मदिन पार्टी (Birthday Party) चल रही थी। तेज आवाज में डीजे (DJ) बज रहा था, जिसकी शिकायत मिलने पर 12 क्वार्टर चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। चौकी इंचार्ज विनोद ने बताया कि काकू नाम का युवक सड़क पर स्पीकर चला रहा था। पुलिस ने शोर कम करने को कहा, लेकिन बात बिगड़ गई।
युवकों ने पुलिस पर पथराव (Stone Pelting) शुरू कर दिया और कुछ छत पर चढ़ गए। इस दौरान दो युवक छत से कूद गए, जिनमें से गणेश नामक युवक की सिविल अस्पताल में मौत (Youth Death) हो गई। दूसरे युवक, आकाश, को गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल (Police Injured) हुए।
परिजनों का गुस्सा और धरना
घटना के बाद गणेश के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने युवकों के साथ मारपीट (Police Brutality) की, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
एक घायल युवती ने बताया कि पुलिस ने न केवल उसके भाई, बल्कि उसे और उसकी मां को भी मारा। गुस्साए परिजनों ने सिविल अस्पताल में धरना (Protest) शुरू कर दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि जब तक न्याय (Justice) नहीं मिलेगा, धरना जारी रहेगा। इस घटना ने पुलिस और जनता के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
पुलिस का पक्ष और सवालों का दौर
चौकी इंचार्ज विनोद ने दावा किया कि युवकों ने पुलिस पर हमला (Attack on Police) किया और उन्हें बंधक बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पथराव के दौरान दो पुलिसकर्मी, विनोद और महेंद्र, घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि वे केवल शोर कम कराने गए थे, लेकिन स्थिति बेकाबू हो गई।
हालांकि, परिजनों के आरोपों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। क्या यह टकराव टाला जा सकता था? क्या पुलिस ने स्थिति को संभालने में जल्दबाजी की? ये सवाल अब हिसार की गलियों में गूंज रहे हैं।
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह समाज और पुलिस के बीच विश्वास की कमी को भी दर्शाती है। इस मामले में निष्पक्ष जांच (Fair Investigation) और दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।











