Kurukshetra Crime: The game of cunning thieves in Kurukshetra, Reiki by selling fruits and toys during the day, transformer theft at night: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में ट्रांसफार्मर चोरी की बढ़ती वारदातों ने पुलिस के लिए चुनौती खड़ी कर दी थी, लेकिन अब इस रहस्य से पर्दा उठ गया है।
सीआईए-दो की टीम ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने दिन में फल और खिलौनों की रेहड़ी लगाकर रेकी करने और रात में ट्रांसफार्मर चोरी करने का गोरखधंधा चला रखा था। इन चोरों ने करीब एक साल में 70 चोरियां कीं, और अब पुलिस को और भी वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। यह कहानी न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि अपराधियों की चालाकी को भी उजागर करती है।
चोरों का चालाकी भरा जाल Kurukshetra Crime
कुरुक्षेत्र के लाडवा और बाबैन इलाकों में ट्रांसफार्मर चोरी की वारदातें पिछले एक साल से पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थीं। चोर इतने शातिर थे कि वे दिन में फल या खिलौनों की रेहड़ी लगाकर इलाके की रेकी करते और रात को ट्रांसफार्मर चुरा लेते।
शुरुआत में वे बाइक से चोरी का सामान ले जाते थे और मोबाइल बंद रखते थे, ताकि ट्रैक न हो सकें। लेकिन जैसे-जैसे वारदातें बढ़ीं, उन्होंने रेहड़ी का इस्तेमाल शुरू किया और मोबाइल ऑन रखने लगे। यही उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
सीआईए-दो की टीम ने मोबाइल लोकेशन और सटीक रणनीति के दम पर इन चोरों को पकड़ा। पुलिस ने पाया कि चोरों के मोबाइल नंबर हर बार चोरी की जगह और सुबह एक स्थानीय ढाबे पर ट्रेस हो रहे थे।
ढाबा संचालक ने बताया कि ये लोग फल और खिलौने बेचने वाले बनकर आते थे और सामान बंद कट्टों में लाते थे। पुलिस ने योजना बनाई और ढाबे पर पहुंचे इन चोरों को दबोच लिया।
कौन हैं ये शातिर चोर?
पकड़े गए चोरों की पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के साजिद और अरफात के रूप में हुई। साजिद एक हिस्ट्रीशीटर है, जो पहले करनाल, सहारनपुर और देवबंद की जेलों में चोरी के मामलों में बंद रह चुका है। जमानत पर छूटने के बाद उसने 15 साल बाद फिर से ट्रांसफार्मर चोरी का जाल बिछाया और कुरुक्षेत्र को निशाना बनाया।
पुलिस ने इनके पास से चार क्विंटल तांबा, चोरी के औजार और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है।
पूछताछ में चोरों ने खुलासा किया कि वे चुराए गए ट्रांसफार्मर को यमुनानगर के रादौर के जंगल में ले जाते थे। वहां आग जलाकर तांबा और अन्य सामान अलग करते, फिर उसे सहारनपुर में बेच देते। उन्होंने लाडवा और बाबैन में 70 चोरियों को अंजाम देने की बात कबूली है।
पुलिस की रणनीति और आगे की जांच
सीआईए-दो के प्रभारी निरीक्षक मोहन लाल ने बताया कि दोनों आरोपी पांच दिन के रिमांड पर हैं। इस दौरान और वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
पुलिस इनके अन्य साथियों और सहारनपुर में चोरी का सामान खरीदने वालों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतीक गहलोत ने कहा कि यह गिरफ्तारी कुरुक्षेत्र में बढ़ती चोरियों पर लगाम लगाने में बड़ी सफलता है।
कुरुक्षेत्र के लिए सबक
यह मामला पुलिस की सतर्कता और तकनीक के इस्तेमाल की जीत है। लेकिन यह भी बताता है कि अपराधी कितनी चालाकी से सामान्य लोगों के बीच घुलमिलकर अपने इरादों को अंजाम देते हैं।
कुरुक्षेत्र के लोगों के लिए यह एक चेतावनी है कि अपने आसपास सतर्क रहें। क्या पुलिस इस चोरी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर पाएगी? यह सवाल अब हर किसी के मन में है।











