Panipat News , Rs 15.84 crore sanitation scam in Panipat: FIR against 12 officials and 2 contractors: हरियाणा के पानीपत में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पानीपत नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलकर सफाई के नाम पर 15.84 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया है।
इस मामले में करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कड़ा कदम उठाते हुए दो ठेकेदारों और 12 अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की FIR दर्ज की है। यह खुलासा शहरवासियों के लिए झटके की तरह है, जो स्वच्छता के लिए भरोसा करते थे।
जांच में उजागर हुई साजिश Panipat News
सीएम फ्लाइंग स्क्वाड और ACB की संयुक्त जांच में इस घोटाले की परतें खुलीं। जांच से पता चला कि पिछले दो वर्षों में ठेकेदारों ने निगम अधिकारियों के साथ मिलकर हर महीने 66 लाख रुपये से अधिक का नुकसान राज्य सरकार को पहुंचाया।
यह राशि दो साल में 15.84 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, और आशंका है कि यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। जांच में सामने आया कि ठेकेदारों को सफाई के लिए 1,259 कर्मचारियों को तैनात करना था, लेकिन मिलीभगत के चलते केवल 847 कर्मचारी ही काम पर थे।
फर्जीवाड़े का खेल
ACB की जांच में पाया गया कि ठेकेदार 1,259 कर्मचारियों के नाम पर भुगतान ले रहे थे, जबकि 412 कर्मचारी कम थे। इस फर्जीवाड़े में निगम के अधिकारियों ने भी ठेका देने से लेकर भुगतान तक नियमों की अनदेखी की।
इस साजिश ने न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को भी प्रभावित किया। यह घोटाला निगम की कार्यशैली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है।
FIR में शामिल नाम
FIR में पूजा कंसल्टेंसी कंपनी के ठेकेदार राजकुमार हुड्डा, आईएनडी सैनिटेशन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार संदीप खत्री, उप निगमायुक्त जितेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इन सभी पर भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन का आरोप है।
ACB अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को सजा मिले और घोटाले की पूरी सच्चाई सामने आए।
जनता के लिए सबक
पानीपत का यह घोटाला न केवल सरकारी भ्रष्टाचार का उदाहरण है, बल्कि यह आम जनता को सतर्क रहने की भी सीख देता है।
स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस तरह की धोखाधड़ी शहर के विकास और नागरिकों के विश्वास को ठेस पहुंचाती है। ACB की कार्रवाई से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं कम होंगी और नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा। पानीपत के निवासियों को अब इंसाफ और पारदर्शी प्रशासन की उम्मीद है।












