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Chaitra Navratri 2025 ki Navami kab hai: चैत्र नवरात्रि नवमी 6 या 7 अप्रैल, कब है सही तारीख? जानें दुर्गा नवमी की पूरी जानकारी

Chaitra Navratri 2025 ki Navami kab hai: चैत्र नवरात्रि नवमी 6 या 7 अप्रैल, कब है सही तारीख? जानें दुर्गा नवमी की पूरी जानकारी
Navratri ki navami kab hai 2025 mein 6 ya 7 april ko? चैत्र नवरात्रि नवमी 2025: 6 या 7 अप्रैल? तिथि 5 अप्रैल शाम 7:26 से 6 अप्रैल 7:22 तक। उदया तिथि से 6 अप्रैल को दुर्गा नवमी और राम नवमी। शुभ मुहूर्त सुबह 6 से 1:39 तक। मां सिद्धिदात्री और कन्या पूजन से सुख-शांति। 
Chaitra Navratri 2025 ki Durga Navami kab hai (चैत्र नवरात्रि की नवमी कब है 2025 में) : चैत्र नवरात्रि का हर दिन खास होता है, लेकिन नवमी तिथि का महत्व कुछ और ही है। यह पर्व का आखिरी दिन होता है, जब मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ कन्या पूजन और हवन का आयोजन किया जाता है। इस बार नवमी की तारीख को लेकर लोग उलझन में हैं- कोई कह रहा है 6 अप्रैल, तो कोई 7 अप्रैल की बात कर रहा है। अगर आप भी सोच रहे हैं कि इस साल दुर्गा नवमी कब मनाई जाएगी, तो चलिए इस कन्फ्यूजन को दूर करते हैं। यह लेख आपके लिए आसान और रोचक तरीके से तैयार किया गया है, ताकि आप सही समय पर पूजा की तैयारी कर सकें।

Chaitra Navratri 2025 ki Navami kab hai: नवमी की सही तारीख क्या है?

इस बार चैत्र नवरात्रि में एक दिन कम होने से तिथियों में थोड़ा बदलाव आया है। पंचांग के मुताबिक, नवमी तिथि 5 अप्रैल 2025 को शाम 7:26 बजे शुरू होगी और 6 अप्रैल को शाम 7:22 बजे खत्म होगी। हिंदू परंपरा में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, यानी सूर्योदय के समय जो तिथि हो, वही गिनी जाती है। इस हिसाब से दुर्गा नवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन सुबह 6 बजे से दोपहर 1:39 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। तो अब कोई शक नहीं- 6 अप्रैल को मां सिद्धिदात्री का आशीर्वाद लेने के लिए तैयार हो जाइए।

राम नवमी का भी खास संयोग

चैत्र नवरात्रि की नवमी सिर्फ दुर्गा पूजा तक सीमित नहीं है। इस दिन राम नवमी भी मनाई जाती है, क्योंकि इसी तिथि पर भगवान राम का जन्म हुआ था। इसलिए 6 अप्रैल को मां सिद्धिदात्री के साथ-साथ श्रीराम की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। भक्त सुबह मंदिर में हवन करेंगे और दिन में कन्याओं को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लेंगे। यह संयोग इस दिन को और पवित्र बनाता है, जो भक्ति और उत्सव का शानदार मेल है। यह जानकारी मोबाइल यूजर्स के लिए भी तेजी से लोड होने वाली और समझने में आसान है।

कन्या पूजन का महत्व

नवमी पर कन्या पूजन नवरात्रि की सबसे खूबसूरत परंपराओं में से एक है। इस दिन छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और उन्हें भोजन कराया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और मां का आशीर्वाद मिलता है। कई लोग इसी दिन हवन के बाद अपना व्रत भी खोलते हैं। अगर आप भी इस रिवाज को निभाना चाहते हैं, तो 6 अप्रैल को सुबह से तैयारी शुरू कर दें। यह दिन आपके लिए आध्यात्मिक और पारिवारिक खुशियाँ लेकर आएगा।

अब कन्फ्यूजन नहीं, बस तैयारी करें

6 अप्रैल को दुर्गा नवमी और राम नवमी का दोहरा उत्सव मनाने का मौका है। शुभ मुहूर्त में पूजा और कन्या पूजन के साथ इस नवरात्रि को यादगार बनाएं। यह लेख आपके लिए इसलिए लिखा गया है ताकि आप सही जानकारी के साथ इस पर्व का पूरा आनंद ले सकें। तो अपने घर को सजाएं, मां और श्रीराम का स्वागत करें, और इस खास दिन को सेलिब्रेट करें। 

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