Agniveer martyred in Jammu and Kashmir Agniveer Naveen Jakhar died due to bullet injury in Jammu and Kashmir: हरियाणा का सीना एक बार फिर गर्व और गम के मिश्रित भावों से भरा है। झज्जर जिले के युवा अग्निवीर नवीन जाखड़ ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला में देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी।
महज 20 साल की उम्र में इस वीर सपूत ने शहादत को गले लगाया, जिससे उनका परिवार और गांव सदमे में है। आइए, इस दुखद घटना और नवीन के जीवन के बारे में जानते हैं।
बारामूला में हुआ हादसा Agniveer martyred in Jammu and Kashmir
जम्मू-कश्मीर के बारामूला में तैनात अग्निवीर नवीन जाखड़ को 23 अप्रैल को प्रैक्टिस के दौरान गोली लग गई। सूत्रों के अनुसार, इस हादसे के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हर कोशिश के बावजूद मृत घोषित कर दिया।
इस खबर ने उनके परिवार और गांव साल्हावास को गहरे शोक में डुबो दिया। नवीन का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा।
डेढ़ साल पहले बने थे अग्निवीर
नवीन जाखड़ की कहानी हर उस युवा की प्रेरणा है, जो देश सेवा का सपना देखता है। झज्जर जिले के साल्हावास गांव के इस 20 वर्षीय युवा ने 12वीं कक्षा पास करने के बाद डेढ़ साल पहले अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती होने का गौरव हासिल किया था।
खास बात यह है कि नवीन के साथ उनके बड़े भाई लोकेश जाखड़ भी अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे और वर्तमान में बारामूला के पास ही तैनात हैं। दोनों भाइयों ने देश सेवा का जज्बा अपने दिल में बसाया था, लेकिन नवीन की असमय शहादत ने सबको झकझोर कर रख दिया।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
नवीन के पिता अजय जाखड़ एक साधारण किसान हैं, जबकि उनकी मां कविता देवी गृहिणी हैं। करीब एक महीने पहले ही नवीन छुट्टी पर घर आए थे और परिवार के साथ हंसी-खुशी समय बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। लेकिन 23 अप्रैल को हुई इस दुखद घटना ने उनके परिवार को तोड़कर रख दिया।
नवीन के बड़े भाई लोकेश को जैसे ही इस हादसे की खबर मिली, उन्होंने तुरंत अपने ताऊ विजय और चाचा कुलदीप को फोन कर सूचना दी। इसके बाद परिवार को इस दुखद समाचार का सामना करना पड़ा। गुरुवार शाम को लोकेश छुट्टी लेकर घर पहुंचे, जहां उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में शोक की लहर
साल्हावास गांव में नवीन की शहादत की खबर फैलते ही हर घर में मातम छा गया। नवीन का परिवार और गांववाले उनके पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं, जो सेना के जवानों के साथ आज गांव पहुंचेगा। इस युवा सैनिक की शहादत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे हरियाणा को गहरे दुख में डुबो दिया है। नवीन की बहादुरी और बलिदान हमेशा हरियाणा के लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।
एक सच्चे सैनिक की अमर कहानी
नवीन जाखड़ जैसे युवा देश के लिए प्रेरणा हैं। कम उम्र में ही उन्होंने सेना में शामिल होकर देश सेवा का जो जज्बा दिखाया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
उनकी शहादत हमें याद दिलाती है कि हमारे सैनिक कितने बड़े बलिदान के साथ सीमाओं पर हमारी रक्षा करते हैं। हरियाणा का यह वीर सपूत हमेशा हमारे दिलों में अमर रहेगा।












