अंबाला (Kapal Mochan mela): पांच दिनों तक चलने वाला कपाल मोचन मेला शनिवार से शुरू हो गया है। यह मेला एक नवंबर से पांच नवंबर तक चलेगा। मेले के चलते रोडवेज अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए छावनी बस स्टैंड पर अतिरिक्त बसों को लगाया। छावनी बस अड्डे से सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर पहली बस कपाल मोचन मेले में श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई।
डिपो ने शाम तक 17 बसों का संचालन किया गया। वहीं नारायणगढ़ डिपो की दो बसें भी मेले में गई। कपाल मोचन के मेले में जाने के लिए पंजाब से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अंबाला आते हैं जो रोडवेज की बसों के माध्यम से मेले में जाते है। इन श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए रोडवेज की ओर से पहले से ही अंबाला छावनी बस अड्डे पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है।
Kapal Mochan mela: कपाल मोचन मेला को लेकर उत्साह
पंजाब के जिला मलेरकोटला निवासी निवासी परमीत कौर ने बताया कि वह किसान परिवार से हैं और 57 साल की है। इस बार वह अपनी बहन के साथ पहली बार कपाल मोचन के मेले में जा रहीं। मेले को लेकर वह बहुत उत्साहित है अब वह आगे से हर साल मेले में जाया करेंगी।
सालों से जारी है आस्था की यात्रा
पंजाब निवासी कुलदीप कौर ने बताया कि वह आंगनवाड़ी वर्कर हैं उन्हें कपालमोचन के मेले में जाते हुए तीस साल हो गए है। जब वह छोटी थी, तब बुआ उन्हें पहली बार मेले में लेकर गई थी तब से वह लगातार हर साल मेले में जा रही हैं।
मलेर कोटला निवासी सुखदेव कौर ने बताया कि वह 35 साल से कपाल मोचन के मेले में जा रही उन्होंने घर में सुख शांति के लिए मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने के बाद से वह मेले में जा रही है।
मलेरकोटला निवासी हरबंस कौर ने बताया कि उनकी उम्र 70 वर्ष है और आज भी वह अपने खेतों में काम करती हैं। वह पिछले 40 साल से कपाल मोचन के मेले में जा रही है। उन्होंने मांगी थी कि उनके बच्चे विदेश में सेटल हो जाए अब उनके बच्चे इंग्लैंड में रहते हैं और वहीं काम करते हैं।
17 अतिरिक्त बसों का संचालन
अंबाला डिपो के कार्यशाखा निरीक्षक बहादुर सिंह ढुल ने बताया कि शनिवार से कपाल मोचन का मेला शुरू हो गया है। मेले के पहले दिन अंबाला डिपो ने 17 अतिरिक्त बसों का संचालन किया।












