False rape case Haryana: False rape case Haryana, fake case registered in the name of daughter, court pronounced punishment: (झूठा रेप केस हरियाणा) ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था की गंभीरता को उजागर किया है। झज्जर जिले के बेरी क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 13 अगस्त 2013 को अपनी बेटी के नाम पर रेप की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि एक युवक उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया और साथ में सोने की चेन, एक जोड़ी बाली और ₹4700 भी ले गई।
इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी युवक को 23 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया। लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि यह मामला पूरी तरह से फर्जी था।
कोर्ट में कबूला झूठा केस, मिली सजा False rape case Haryana
18 अप्रैल 2025 को अदालत ने आरोपी युवक को बरी कर दिया। इसके बाद युवक के वकील ने कोर्ट में शिकायत दी कि यह मामला झूठा था और जानबूझकर दर्ज कराया गया था। 15 जुलाई को युवती के पिता ने कोर्ट में स्वीकार किया कि उसने झूठा केस दर्ज कराया था।
इस स्वीकारोक्ति के बाद एडिशनल सेशन जज राजकुमार यादव की विशेष अदालत ने आरोपी को कोर्ट बंद होने तक की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही ₹500 का जुर्माना भी लगाया गया। (Jhajjar court verdict)
न्याय व्यवस्था में फर्जी मामलों की गंभीरता
यह मामला दर्शाता है कि फर्जी केस न केवल निर्दोष लोगों की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हैं। (fake rape case India) जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि समाज में न्याय की गरिमा बनी रहे।
कोर्ट का यह फैसला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो निजी स्वार्थ या बदले की भावना से कानून का दुरुपयोग करते हैं। ऐसे मामलों में सच्चाई सामने लाने और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया बेहद जरूरी है।












