जगाधरी Fog। कड़क ठंड और घना कोहरा रेलवे की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। बीते कुछ दिनों से हालात ऐसे हैं कि एक भी ट्रेन अपने तय समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पा रही। कोहरे का सबसे ज्यादा असर दूर तक जाने वाली ट्रेनों पर दिखाई दे रहा है और इनकी देरी का असर दूसरी गाड़ियों पर भी पड़ रहा है। रेलवे की ओर से लगाया गया फॉग सिक्योरिटी डिवाइस भी स्थिति सुधारने में मददगार साबित नहीं हो रहा।
यात्रियों के लिए परेशानी इतनी बढ़ गई है कि कई लोग प्लेटफार्म पर घंटों ही नहीं बल्कि पूरी रात इंतजार करने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर करने वालों के लिए स्थिति और भी मुश्किल बनी हुई है। स्टेशन से यूपी, बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़ और मुंबई जाने वाली ट्रेनें देर रात निकलती हैं, पर लगातार लेट होने से लोग अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच पा रहे।
यमुनानगर जगाधरी स्टेशन से हिमाचल प्रदेश के सिरमौर, कालाआंब, पांवटा, नाहन समेत यूपी के बॉर्डर एरिया और लाडवा तक के लोग ट्रेन पकड़ने आते हैं। दूर से आने वालों को लंबे इंतजार में पूरी रात ठंड में ही स्टेशन पर गुजारनी पड़ रही है।
कौन कौन सी ट्रेनें हुईं लेट
जननायक एक्सप्रेस 15211 ढाई घंटे पीछे चलकर स्टेशन पहुंची।
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 18237 पौना घंटा लेट रही, जबकि 18238 पूरे एक घंटे की देरी के साथ आई।
सियालदह एक्सप्रेस 13151 लगभग 40 मिनट लेट चली।
लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस 15011 डेढ़ घंटे देरी से पहुंची।
लखनऊ चंडीगढ़ 12231 सुपरफास्ट करीब 40 मिनट पीछे रही।
गाड़ी संख्या 13005 तय समय से 20 मिनट देरी से आई।
गाड़ी संख्या 14610 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा से ऋषिकेश हेमकुंड एक्सप्रेस भी लगभग 20 मिनट लेट पहुंची।
कोहरे से क्यों बिगड़ रहा संचालन
रेल विभाग के अनुसार इस मौसम में ट्रेनों की स्पीड सुरक्षा कारणों से कम कर दी जाती है। फॉग डिवाइस के इस्तेमाल के बावजूद विजिबिलिटी कम होने पर देरी होना आम बात है। अधिकारी बताते हैं कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसी वजह से संचालन सावधानी के साथ किया जा रहा है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक एनके झा ने कहा कि ठंड के मौसम में यह समस्या सामान्य है और रेलवे यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा को ध्यान में रखते हुए काम कर रहा है।












