रोहतक . हरियाणा के बजट सत्र में नायब सैनी सरकार ने गांवों के बाहर ढाणियों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी सौगात दी है। पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने ऐलान किया है कि अब लाल डोरे से 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाली ढाणियों को 24 घंटे घरेलू बिजली मिलेगी। साथ ही, अब 11 घरों की बजाय 11 सदस्यों वाले डेरे को ही एक यूनिट मान लिया जाएगा।
रोहतक, हिसार और सिरसा जैसे जिलों में गांवों के बाहर खेतों में अपनी ढाणी बनाकर रहने वाले हजारों परिवारों को अब अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने डेरा और ढाणियों में 24 घंटे घरेलू बिजली आपूर्ति के लिए एक नई और आसान पॉलिसी लागू कर दी है।
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सदन में इस नई नीति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले बिजली कनेक्शन के लिए नियमों में भारी सख्ती थी, जिससे खेतों में बसे कई परिवार इस बुनियादी सुविधा से वंचित रह जाते थे। अब सरकार ने पुरानी शर्तों को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में सीधा और बड़ा सुधार आएगा।
11 घरों की शर्त खत्म, अब 11 सदस्यों पर मिलेगी बिजली
पंचायत मंत्री ने बताया कि पुरानी पॉलिसी के तहत किसी भी डेरा या ढाणी में बिजली पहुंचाने के लिए वहां कम से कम 11 घरों का होना अनिवार्य था। इस सख्त शर्त के कारण छोटे डेरों को कनेक्शन नहीं मिल पाता था। सरकार ने अब आमजन के हित में इस नियम को पूरी तरह बदल दिया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, अब जिस भी डेरा या ढाणी में कुल 11 सदस्य (लोग) रह रहे होंगे, सरकार उसे ही एक पूर्ण यूनिट मान लेगी। इस बड़े बदलाव से उन छोटे किसानों और मजदूरों को सीधा फायदा होगा जो अपने गिने-चुने परिजनों के साथ खेतों में ही मकान बनाकर रहते हैं। अब उन्हें बिजली के लिए मोहल्ले जितने घरों के बसने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दायरा 1 किलोमीटर से बढ़ाकर 5 किलोमीटर किया गया
सदन में पहले यह नियम तय किया गया था कि गांव के लाल डोरे से केवल 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाली ढाणियों को ही 24 घंटे घरेलू बिजली मिलेगी। लेकिन सत्र के दौरान कई विधायकों ने इस सीमित दायरे को लेकर कड़ी आपत्ति जताई और इसे बढ़ाने की जोरदार मांग रखी।
विधायकों की इस मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए सरकार ने बिजली आपूर्ति का दायरा बढ़ाकर सीधे 5 किलोमीटर कर दिया है। अब गांव के लाल डोरे से 5 किलोमीटर दूर तक बसे हर उस डेरे और ढाणी को 24 घंटे रोशन किया जाएगा, जहां कम से कम 11 सदस्य निवास कर रहे हैं।
बच्चों की पढ़ाई और किसानी में मिलेगी भारी राहत
इस फैसले से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों की दिनचर्या पूरी तरह बदल जाएगी। खेतों में निर्बाध बिजली मिलने से किसानों को अपने कृषि उपकरणों को चलाने और रोजमर्रा के कामों में भारी सहूलियत होगी।
इसके साथ ही, रात के समय बच्चों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के हो सकेगी और महिलाओं को घरेलू कामकाज में आसानी होगी। हरियाणा सरकार का यह फैसला ग्रामीण विकास को रफ्तार देने और प्रदेश के हर नागरिक को समान सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में एक बड़ी राहत माना जा रहा है।
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