कैथल: जिले के सबसे मुख्य सड़कों में एक कैथल-तितरम हांसी रोड को फोरलेन करने का प्रपोजल मुख्यालय की ओर से वापस लौटा दिया गया है। ऐसे में अभी इस योजना को सिरे चढ़ने में समय लगने वाला है।
करीब पांच साल पहले केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की थी कि हांसी से जींद होते हुए कैथल के तितरम मोड़ तक सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। बाद में एनएचएआई ने इस फोरलेन प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था। तितरम मोड़ से लेकर अंबाला बाईपास तक सड़क के फोरलेन बनने की आस जगी लेकिन अब इसके पूरे की उम्मीद नहीं है।
सड़क से राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा छीना
पूर्व में शहर के बाहर से गुजर रहे एवं वर्तमान में शहर के अंदर आ गई इस सड़क का यह टुकड़ा पहले राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा था। इसके बाद नया बाईपास बन गया। इससे इस सड़क से राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा छिन गया।
सड़क का तितरम मोड से जींद रोड बाईपास चौक तक का हिस्सा काफी खराब है। इस सड़क से रोजाना चंडीगढ़, हांसी, भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, असंध, नरवाना की तरफ से सैंकड़ों रोडवेज, निजी बसें व अन्य वाहन आते जाते हैं।
दिन में कई बार सड़क पर शहर के करनाल चौंक, ढांड रोड, बस स्टैंड के नजदीक, छोटू राम चौक पर जाम की स्थिति बन जाती है। वहीं इसी मार्ग पर लगभग सात साल पहले अनाज मंडी बनाई गई थी।
अनाज मंडी में धान व गेहूं किसान लेकर आते हैं। जब फसलों का सीजन शुरू हो जाता है। उस समय इस सड़क पर कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
भेजा था 67 करोड़ रुपये का प्रपोजल
लोक निर्माण विभाग की तरफ से इसे लेकर करीब 67 करोड़ रुपये का प्रपोजल भेजा गया था। जिसे वापस भेज दिया गया है। प्रोजेक्ट को फंड नहीं होने की बात कहकर लौटाया दिया गया। अब इसके निर्माण न होने से की स्थिति नहीं बन पा रही है। इसके न बनने के बाद आसपास के गांवों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
क्योंकि इस रोड पर अधिक भीड़ रहती है। हजारों वाहन चालक रोजाना यहां से आवागमन करते हैं। इसे देखते हुए ही इसे फोरलेन करने की मांग उठती रही है। विभाग इसको बनाने के लिए एस्टीमेट भी अगले साल भेजेगा लेकिन जब तक अगले दो साल तक गड्ढों के साथ वाहन चालकों के इसी सड़क पर चलने के लिए मजबूर होने पड़ेगा।
कैथल के तितरम मोड़ से नूगरां और आगे जींद से हांसी तक फोरलेन निर्माण को लेकर सरकार ने अब इसके लिए फंड का ना होने को लेकर इनकार कर दिया है। तितरम मोड़ से नगूरां तक 34 किलोमीटर और जींद से हांसी तक 44 किलोमीटर की सड़क का निर्माण एचएसआरडीसी द्वारा किया किया जाना था लेकिन अब इसका निर्माण नहीं होगा।












