Narcotics Detection Dogs Rambo becomes a hero in Haryana Police’s fight against drug addiction: नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स (Narcotics Detection Dogs) हरियाणा पुलिस की नशे के खिलाफ जंग में सबसे बड़ा हथियार बन गए हैं। 2025 की पहली तिमाही में इनके शानदार प्रदर्शन ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। खासकर हिसार यूनिट के डॉग रेम्बो ने कई मामलों में निर्णायक भूमिका (Decisive Role) निभाई। इनके सूंघने की अद्भुत क्षमता (Sniffing Ability) ने नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद की है। आइए, इन चार-पैर वाले योद्धाओं की कहानी को विस्तार से जानते हैं।
Narcotics Detection Dogs: रेम्बो और उसका दमदार प्रदर्शन
हरियाणा पुलिस के नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स (Narcotics Detection Dogs) में रेम्बो एक चमकता सितारा है। हिसार यूनिट का यह डॉग कई बड़ी नशा तस्करी (Drug Trafficking) की वारदातों को पकड़ने में अहम रहा। 2025 की पहली तिमाही में रेम्बो ने कई छापेमारी (Raids) में ड्रग्स का पता लगाया। इसकी सूंघने की क्षमता (Sniffing Ability) इतनी तेज है कि यह छिपे हुए नशीले पदार्थों (Narcotics) को भी आसानी से ढूंढ लेता है। हरियाणा पुलिस के अनुसार, रेम्बो ने कई किलो ड्रग्स और तस्करों को पकड़वाने में मदद की।
नशे के खिलाफ लड़ाई में हरियाणा पुलिस के नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स बने सबसे बड़ी ताकत। वर्ष 2025 की पहली तिमाही में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, हिसार यूनिट के डॉग ‘रेम्बो’ ने निभाई कई मामलों में निर्णायक भूमिका। #नशा_मुक्त_हरियाणा #हरियाणा_पुलिस@cmohry @NayabSainiBJP… pic.twitter.com/OzpuBjiOnj
— Haryana Police (@police_haryana) May 28, 2025
हरियाणा पुलिस का डॉग स्क्वॉड
हरियाणा पुलिस के पास 62 प्रशिक्षित नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स (Narcotics Detection Dogs) हैं, जो हर जिले में तैनात हैं। ये K9 श्वान (K9 Dogs) नशे के खिलाफ अभियान (Anti-Drug Campaign) में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनकी ट्रेनिंग (Training) ऐसी है कि ये नशीले पदार्थों को सूंघकर तुरंत उनकी लोकेशन बता देते हैं। 2025 में इन डॉग्स ने 28 बड़े मामलों में सफलता हासिल की। इनका योगदान नशा तस्करी (Drug Trafficking) को रोकने में गेम-चेंजर साबित हुआ है।
क्यों जरूरी हैं ये डॉग्स?
नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स (Narcotics Detection Dogs) नशे के नेटवर्क को तोड़ने में अहम हैं। ड्रग्स तस्कर (Drug Smugglers) छिपाने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं, लेकिन इन डॉग्स की सूंघने की शक्ति (Sniffing Ability) के सामने उनकी एक नहीं चलती। ये डॉग्स गांजा, हेरोइन, और कोकीन जैसे नशीले पदार्थों (Narcotics) को आसानी से पकड़ लेते हैं। हरियाणा पुलिस का लक्ष्य नशा मुक्त हरियाणा (Drug-Free Haryana) बनाना है, और ये डॉग्स इस मिशन का अभिन्न हिस्सा हैं।
हरियाणा पुलिस अब नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स (Narcotics Detection Dogs) की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है। नए K9 श्वानों को प्रशिक्षण (Training) देकर और आधुनिक तकनीक (Modern Technology) के साथ जोड़ा जाएगा। हिसार यूनिट जैसे प्रदर्शन को पूरे राज्य में दोहराने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि इन डॉग्स की मदद से नशा तस्करी (Drug Trafficking) को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य है। यह कदम युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।











