Nuh News: नूंह जिला में इंटरनेट सेवाएं 13 अगस्त तक बढ़ाने के आदेश

Nuh Latest News: हरियाणा सरकार ने नूंह जिला में साम्प्रदायिक तनाव को देखते हुए भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम की धारा 5 के तहत प्रद्वत शक्तियों का प्रयोग करते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद करने की अवधि को 13 अगस्त रात 12 बजे तक बढ़ा दिया है।
नूंह जिला में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं में 2जी, 3जी, 4 जी, 5 जी सीडीएमए, जीपीआरएस सहित सभी एसएमएस सेवाओं (केवल बल्क एसआरवीएमएस और बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और सभी डोंगल सेवाओं आदि को बंद करने का आदेश दिया गया है। केवल वॉयस कॉल चालू रहेंगी।
इस संबंध में गृह विभाग के सचिव टीवीएसएन प्रसाद द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।
इन आदेशों में कहा गया गई कि नूंह के उपायुक्त ने जानकारी दी है कि नूंह में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति अभी तनावपूर्ण है। इसी को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं को 13 अगस्त तक बंद करने के आदेश दिए हैं।
भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 की धारा 5 के आधार पर प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, दूरसंचार सेवाओं के अस्थायी निलंबन (सार्वजनिक आपातकाल या सार्वजनिक सुरक्षा) नियम, 2017 के नियम (2) के तहत हरियाणा के सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।
ताकि असामाजिक तत्व भड़काऊ सामग्री और झूठी अफवाहों को फैलाकर इंटरनेट सेवाओं का दुरुपयोग न कर सकें।
व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
Internet Shutdown क्या है
इंटरनेट शटडाउन या नेटबंदी का मतलब इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाना होता है। यह कदम इसलिए उठाया जाता है ताकि पहले से चल रहा दंगा-फसाद और ज्यादा ना भड़क जाए। दरअसल, इंटरनेट एक दूसरे के साथ जुड़े रहने या बातचीत करने का अहम जरिया है। हालांकि, कुछ आसामाजिक तत्व दंगे जैसे मौकों का फायदा उठाने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं।
ये लोग इंटरनेट के जरिए वॉट्सऐप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज, झूठी जानकारी और भड़काऊ चीजें शेयर करते हैं। ऐसे चीजें आम लोगों के बीच जाने से हालात और ज्यादा बिगड़ने का खतरा रहता है। इसलिए सरकार इन सब चीजों को रोकने के लिए सीधे इंटरनेट बंद कर देती है।
इंटरनेट शटडाउन कैसे काम करता है?
इंटरनेट कोई बटन नहीं है जो इसे दबाकर इंटरनेट चालू या बंद हो जाएगा। इंटरनेट की सेवाएं देने के लिए इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISPs) कंपनियां होती हैं। जब भी इंटरनेट बंद करना होता है, तो सरकार इन ISPs कंपनयों को किसी खास इलाके का इंटरनेट बंद करने का आदेश देती है।
नेटबंदी के तरीके
इंटरनेट बंद होने पर उस एरिया के लोग कोई वेबसाइट या दूसरी चीजें नहीं चला पाते हैं। DNS ब्लॉकिंग भी एक जरिया है जिससे नेट बंद किया जाता है। इसके अलावा स्पीड थ्रॉटलिंग, ब्लैकलिस्टिंग जैसे कई तरीके हैं जो इंटरनेट शटडाउन के लिए इस्तेमाल होते हैं। अगर आप सोचते हैं कि ये कंपनियां कैसे जानती हैं कि आप इंटरनेट शटडाउन एरिया में हैं, तो बता दें कि फोन नंबर और लोकेशन के जरिए इसका पता चल जाता है।
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