ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Dwadash Jyotirlinga: द्वादश ज्योतिर्लिंग, सावन 2025 में इनके दर्शन बदल देंगे आपका जीवन!

On: June 29, 2025 12:23 PM
Follow Us:
Dwadash Jyotirlinga: द्वादश ज्योतिर्लिंग, सावन 2025 में इनके दर्शन बदल देंगे आपका जीवन!
Join WhatsApp Group

Dwadash Jyotirlinga These holy places are associated with the divine power of Shiva: द्वादश ज्योतिर्लिंग! ये नाम सुनते ही मन में भगवान शिव की भक्ति और उनकी शक्ति की लहर सी उठती है। शिव महापुराण में वर्णित ये 12 ज्योतिर्लिंग वो पवित्र स्थान हैं, जहाँ भोलेनाथ की ऊर्जा का प्रकाश हर भक्त के दिल को रोशन करता है। सावन का महीना शुरू होने वाला है, और इस मौके पर हर शिवभक्त इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की ख्वाहिश रखता है। कहते हैं, इनके दर्शन से पापों का नाश होता है, मन को शांति मिलती है, और मोक्ष का रास्ता खुलता है। तो चलिए, आज जानते हैं इन द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा और उनके खास स्थान, जो हर भक्त के लिए तीर्थयात्रा का सपना हैं।

Dwadash Jyotirlinga: कहाँ बस्ते हैं भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंग

द्वादश ज्योतिर्लिंग देश के कोने-कोने में फैले हैं, हर एक की अपनी महिमा और कहानी। गुजरात का सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, जो समुद्र तट पर बस्ता है, भक्ति का अनमोल खजाना है। आंध्र प्रदेश का मल्लिकार्जुन, मध्य प्रदेश का महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर, उत्तराखंड का केदारनाथ, और वाराणसी का विश्वनाथ हर ज्योतिर्लिंग की अपनी डिवाइन वाइब है।

इसके अलावा, महाराष्ट्र का त्रयम्बकेश्वर और घुश्मेश्वर, झारखंड का वैद्यनाथ, गुजरात का नागेश्वर, तमिलनाडु का रामेश्वर, और महाराष्ट्र का भीमाशंकर भी भक्तों के लिए पूजनीय हैं।

Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क
Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क

शिव महापुराण की कोटिरुद्र संहिता में इन ज्योतिर्लिंगों का ज़िक्र है। हर स्थान की अपनी कहानी है, जो भक्तों को भोलेनाथ के करीब लाती है। मिसाल के तौर पर, सोमनाथ का ज्योतिर्लिंग चंद्रमा की तपस्या से जुड़ा है, तो रामेश्वरम भगवान राम की भक्ति का प्रतीक है। इनके दर्शन से न सिर्फ़ मन को सुकून मिलता है, बल्कि आत्मा को भी एक नई ऊर्जा मिलती है।

कुछ ज्योतिर्लिंगों की दोहरी मान्यताएँ

क्या आप जानते हैं कि चार ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर, वैद्यनाथ, घुश्मेश्वर, और नागेश्वर – को लेकर देश में अलग-अलग जगहों पर दावे किए जाते हैं? भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को महाराष्ट्र के पुणे के पास खेड़ तालुका में मानते हैं, जहाँ भीमा नदी बहती है। लेकिन असम के कामरूप में ब्रह्मपुर पहाड़ी और नैनीताल के उज्जनक में भी इसके होने का दावा है।

रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?
रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?

वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग को झारखंड के देवघर में “कामना लिंग” के रूप में पूजा जाता है, जिसे रावण ने स्थापित किया था। मगर महाराष्ट्र के परली और हिमाचल के कांगड़ा में भी बैजनाथ को वैद्यनाथ के रूप में मान्यता मिलती है। घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के एलोरा के पास वेरुल में है, लेकिन राजस्थान के शिवाड़ में भी इसके होने का दावा है।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात के द्वारका के पास दारूकावन में है, लेकिन हैदराबाद के औढ़ा और उत्तराखंड के जागेश्वर में भी इसे ज्योतिर्लिंग मानते हैं। ये दोहरी मान्यताएँ भक्तों के लिए भक्ति का नया रंग लाती हैं।

सावन में ज्योतिर्लिंग दर्शन का महत्व

Instagram Reels बिना बार-बार स्क्रीन छुए कैसे देखें? जानिए आसान तरीका
Instagram Reels बिना बार-बार स्क्रीन छुए कैसे देखें? जानिए आसान तरीका

सावन 2025 में द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन का महत्व और बढ़ जाता है। इस पवित्र महीने में शिवभक्त इन तीर्थों की यात्रा करते हैं। हर ज्योतिर्लिंग की अपनी खास ऊर्जा है, जो भक्तों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक बल देती है। चाहे आप केदारनाथ की बर्फीली चोटियों पर जाएं या वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर में माथा टेकें, हर जगह भोलेनाथ का आशीर्वाद बरसता है।

तो इस सावन, बनाइए प्लान और निकल पड़िए द्वादश ज्योतिर्लिंग की यात्रा पर। ये शायरी आपके साथ होगी: “हर हर महादेव, ज्योतिर्लिंग का आलम, भोले की कृपा से हर मन हो शांत!”

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment