ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Guru Harkrishan Jayanti: गुरु हरकृष्ण जयंती 2025 पर जानिए बाल गुरु की दिव्य जीवनगाथा

On: July 19, 2025 8:03 AM
Follow Us:
Guru Harkrishan Jayanti: गुरु हरकृष्ण जयंती 2025 पर जानिए बाल गुरु की दिव्य जीवनगाथा
Join WhatsApp Group

Guru Harkrishan Jayanti: Know the divine life story of Bal Guru on Guru Harkrishan Jayanti 2025: गुरु हरकृष्ण जयंती 2025 शनिवार, 19 जुलाई को पूरे देश में श्रद्धा और सेवा के भाव से मनाई जाएगी। सिख धर्म के आठवें गुरु, गुरु हरकृष्ण साहिब जी का जन्म (Guru Harkrishan birthday) 1656 में कीरतपुर साहिब में हुआ और मात्र सात वर्ष की आयु में वे गुरु के पद पर आसीन हुए।

गुरु हरकृष्ण जयंती 2025: सेवा और विनम्रता की सीख देने वाला पवित्र उत्सव Guru Harkrishan Jayanti

दिल्ली में चेचक की महामारी के दौरान उनके करुणामय कार्यों ने उन्हें “बाला पीर” की उपाधि दिलाई, जब उन्होंने बीमारों को सांत्वना और उपचार प्रदान किया। दुर्भाग्यवश 1664 में आठ वर्ष की आयु में उनका देहांत हो गया। (Guru Harkrishan death)

बाल गुरु के जीवन से प्रेरणा

Smartphone Tips: फोन की सुरक्षा और स्पीड होगी दोगुनी, नया मोबाइल लेते ही एक्टिवेट करें ये सेटिंग्स
Smartphone Tips: फोन की सुरक्षा और स्पीड होगी दोगुनी, नया स्मार्टफोन लेते ही एक्टिवेट करें ये सेटिंग्स

गुरु हरकृष्ण जी का जीवन (Guru Harkrishan biography) सेवा, विनम्रता और दया की जीती-जागती मिसाल है। महज़ पाँच वर्ष की उम्र में गुरु बनना और इतने कम समय में जन सेवा करना उनके अद्वितीय व्यक्तित्व को दर्शाता है।

दिल्ली में रहने के दौरान वे राजा राय सिंह के बंगले में ठहरे थे, जो अब बंगला साहिब गुरुद्वारा के रूप में जाना जाता है। इस स्थान पर (Bengala Sahib Gurudwara) हर साल भव्य समारोह आयोजित किए जाते हैं।

उनकी शिक्षाएँ आज भी सिख समुदाय को निःस्वार्थ सेवा (seva), समर्पण और सभी के प्रति समान दृष्टिकोण रखने की प्रेरणा देती हैं। उनकी स्मृति में लोग गुरुद्वारों में एकत्रित होकर कीर्तन, कथा और अरदास करते हैं।

गुरुद्वारों में जयंती का उत्सव

UIDAI की बड़ी राहत: परिवार के मुखिया की सहमति से अपडेट होगा आधार एड्रेस
UIDAI की बड़ी राहत: परिवार के मुखिया की सहमति से अपडेट होगा आधार एड्रेस

गुरु हरकृष्ण जयंती को सिख समुदाय विशेष रूप से सेवा और भक्ति के रूप में मनाता है। इस दिन गुरुद्वारों में कीर्तन और गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ (Guru Granth Sahib path) किया जाता है।

अरदास में भक्त गुरु साहिब से स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं (Guru Harkrishan ki ardas)। बंगला साहिब में विशेष आयोजन होते हैं जिसमें भक्त शामिल होकर श्रद्धा से पूजन करते हैं।

इस मौके पर लंगर (langar seva) की व्यवस्था होती है, जहाँ सभी धर्मों, जातियों के लोगों को निशुल्क भोजन परोसा जाता है। यह सिख धर्म की समर्पण और समता की भावना को दर्शाता है।

सेवा और समाज के लिए समर्पण

iPhone 18 सीरीज के चारों मॉडल्स की जानकारी लीक, जानें भारत में कितनी होगी कीमत
iPhone 18 सीरीज के चारों मॉडल्स की जानकारी लीक, जानें भारत में कितनी होगी कीमत

गुरु हरकृष्ण जी के नाम पर शहरों में मीठा जल वितरण कैंप (Guru Harkrishan Delhi stay) लगाए जाते हैं, जहाँ यात्रियों को शीतल जल पिलाया जाता है। यह परंपरा वर्षों से जारी है और आज भी लोगों की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रमों से जीवंत हो उठता है। भक्त पवित्र सरोवर में स्नान कर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

यह जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि एक सामाजिक जागरूकता का भी संदेश देती है, जो गुरु की शिक्षाओं को आज की पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य करती है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now