ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

चंद्र ग्रहण 2025: भाद्रपद पूर्णिमा पर रात 9:56 से शुरू होगा ग्रहण, जानें क्या करें-क्या न करें!

On: सितम्बर 7, 2025 7:51 पूर्वाह्न
Follow Us:
चंद्र ग्रहण 2025: भाद्रपद पूर्णिमा पर रात 9:56 से शुरू होगा ग्रहण, जानें क्या करें-क्या न करें!
Join WhatsApp Group

चंद्र ग्रहण 2025, अम्बाला। भाद्रपद मास की पूर्णिमा 7 सितंबर, रविवार को है और इस दिन भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। यह 2025 का एकमात्र ऐसा ग्रहण है, जो भारत में नजर आएगा। इसके साथ ही सूतक काल भी रहेगा, जिस दौरान पूजा-पाठ और भोजन से बचना चाहिए। इस पूर्णिमा पर स्नान, दान और व्रत की परंपरा है, लेकिन ग्रहण के कारण मंदिरों के कपाट सूतक शुरू होने से लेकर ग्रहण खत्म होने तक बंद रहेंगे। ग्रहण के बाद स्नान और मंदिरों की शुद्धि के बाद ही इन्हें भक्तों के लिए खोला जाएगा।

चंद्र ग्रहण और सूतक का समय

Blinkit पर मिल रहा iPhone 18 Pro, Apple Store पर भारी भीड़, जानें iPhone 18 Pro का पूरा गणित | why-people-queue-at-apple-store-despite-iphone-18-pro-on-blinkit-zepto
Blinkit पर मिल रहा iPhone 18 Pro, Apple Store पर भारी भीड़, जानें iPhone 18 Pro का पूरा गणित

चंद्र ग्रहण 7 और 8 सितंबर की दरमियानी रात होगा। यह 7 सितंबर को रात 9:56 बजे शुरू होकर रात 11:41 बजे अपने चरम पर होगा, जब पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखेगा। ग्रहण रात 1:26 बजे खत्म होगा। सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले, यानी दोपहर 12:56 बजे से शुरू होकर ग्रहण खत्म होने के साथ समाप्त होगा। इस दौरान भाद्रपद पूर्णिमा से जुड़े धार्मिक कार्य सूतक शुरू होने से पहले करने चाहिए।

भाद्रपद पूर्णिमा का महत्व

Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क
Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क

भाद्रपद पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत बड़ा है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा, व्रत और कथा पाठ की परंपरा है, जिससे घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। चंद्रमा की पूजा से मानसिक शांति मिलती है और जन्म कुंडली में चंद्र दोष का निवारण होता है। यह दिन पितृपक्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है, जब पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन स्नान और दान से पापों का नाश होता है और पुण्य मिलता है।

शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?
रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?

भाद्रपद पूर्णिमा पर पूजा, स्नान और दान के लिए शुभ मुहूर्त हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:31 से 5:16 बजे तक रहेगा, जो पूजा और स्नान के लिए सबसे अच्छा समय है। निशिता मुहूर्त रात 11:56 से 12:42 बजे तक है, लेकिन चंद्र ग्रहण के कारण इसका उपयोग सीमित रहेगा।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment