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Mohini Ekadashi: मोहिनी एकादशी 2025 भगवान विष्णु की मोहिनी रूप की पूजा से लेकर व्रत तक, जानें महत्व और परंपरा

On: April 28, 2025 2:07 PM
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Mohini Ekadashi: मोहिनी एकादशी 2025 भगवान विष्णु की मोहिनी रूप की पूजा से लेकर व्रत तक, जानें महत्व और परंपरा
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Mohini Ekadashi 2025 worshiping Lord Vishnu’s Mohini form to fasting know the importance and tradition: हिंदू धर्म में मोहिनी एकादशी का विशेष स्थान है, जो भगवान विष्णु के मनमोहक मोहिनी अवतार को समर्पित है। यह पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है और 2025 में यह 8 मई को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से पापों का नाश होता है, मोक्ष की प्राप्ति होती है, और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आइए, मोहिनी एकादशी के महत्व, पूजा विधि, और इसकी शुरुआत की कहानी को विस्तार से जानते हैं।

Mohini Ekadashi: मोहिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

मोहिनी एकादशी भगवान विष्णु के उस रूप की पूजा का दिन है, जो उन्होंने समुद्र मंथन के दौरान धारण किया था। इस व्रत को करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और वे सांसारिक मोह-माया से मुक्त होकर मोक्ष की ओर बढ़ते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस व्रत का पुण्य हजार गायों के दान के बराबर है। यह व्रत न केवल आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि भक्तों की मनोकामनाएं भी पूर्ण करता है और उनके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ाता है।

शुभ मुहूर्त और तिथि

पंचांग के अनुसार, 2025 में मोहिनी एकादशी की तिथि 7 मई को सुबह 10:19 बजे शुरू होगी और 8 मई को दोपहर 12:29 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर यह पर्व 8 मई को मनाया जाएगा। व्रत का पारण 9 मई को सुबह 6:06 बजे से 8:42 बजे के बीच होगा। इस शुभ समय में पूजा और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

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मोहिनी एकादशी की कथा: समुद्र मंथन से शुरुआत

मोहिनी एकादशी की कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी है। जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया, तो उसमें से अमृत का कलश निकला। अमृत को लेकर दोनों पक्षों में युद्ध छिड़ गया। असुरों को अमर होने और ब्रह्मांड में अराजकता फैलाने से रोकने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी नामक एक सुंदर स्त्री का रूप धारण किया।

अपनी मनमोहक सुंदरता से असुरों को मंत्रमुग्ध कर मोहिनी ने चतुराई से अमृत देवताओं को बांट दिया, जिससे ब्रह्मांडीय संतुलन बना रहा। यह पर्व मोहिनी के इसी दिव्य कार्य की स्मृति में मनाया जाता है।

परंपरा की शुरुआत

मोहिनी एकादशी की परंपरा भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार के बाद शुरू हुई। पुराणों और महाभारत में इस व्रत का उल्लेख मिलता है। भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को इस व्रत के महत्व के बारे में बताया, जो पापों को नष्ट करने और पुण्य प्रदान करने में सक्षम है। एक अन्य कथा में, भगवान राम को ऋषि वशिष्ठ ने सीता की खोज के दौरान अपने दुखों को कम करने के लिए इस व्रत की सलाह दी थी।

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इसके अलावा, भद्रावती नगर के पापी राजकुमार धृष्टबुद्धि की कहानी भी प्रसिद्ध है। अपने बुरे कर्मों के कारण वह कष्ट में था। ऋषि कौण्डिन्य ने उसे मोहिनी एकादशी का व्रत करने की सलाह दी। धृष्टबुद्धि ने श्रद्धा से व्रत किया, जिससे उसके पाप नष्ट हुए और उसे मोक्ष प्राप्त हुआ। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

मोहिनी एकादशी पर क्या करें?

मोहिनी एकादशी का व्रत और पूजा श्रद्धा के साथ करनी चाहिए। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें और उन्हें पीले वस्त्र, चंदन, अक्षत, फूल, तुलसी, धूप और दीप अर्पित करें। मोहिनी एकादशी की कथा पढ़ें या सुनें।

दिनभर उपवास रखें, जिसमें फलाहार लिया जा सकता है। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और रात में जागरण करते हुए भजन-कीर्तन करें। अगले दिन द्वादशी तिथि पर ब्राह्मणों को भोजन कराएं, दान दें, और फिर व्रत का पारण करें। इस विधि से व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

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मोहिनी एकादशी भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की महिमा का उत्सव है, जो भक्तों को पापों से मुक्ति और मोक्ष का मार्ग दिखाता है। यह पर्व आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धि का अवसर प्रदान करता है। 8 मई 2025 को इस पर्व को पूरे उत्साह और भक्ति के साथ मनाएं, ताकि आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन हो।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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