हिसार, 09 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। धान के सीजन की शुरुआत के साथ ही हिसार जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पानी और लागत बचाने वाली ‘डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस’ (DSR) तकनीक को बढ़ावा देने के लिए मशीनों का बेड़ा तैयार किया है। विभाग की ओर से किसानों को मात्र 115 रुपये प्रति एकड़ के किराए पर DSR मशीन उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल उन छोटे और मध्यम किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी, जो अब तक निजी ऑपरेटरों को 1,000 रुपये से अधिक का किराया देने पर मजबूर थे।
‘पहले आओ-पहले पाओ’ की तर्ज पर सुविधा
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर दी जाएगी। किसान अपने स्वयं के ट्रैक्टर का उपयोग करके विभाग से मशीन किराए पर ले सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य न केवल किसानों की इनपुट लागत (Input Cost) को कम करना है, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के प्रति प्रोत्साहित करना भी है। हिसार जिले के किसान इस मशीन की बुकिंग के लिए विभागीय प्रतिनिधि जेई आजाद सिंह से उनके मोबाइल नंबर पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।
DSR तकनीक: पानी की बचत और भारी सब्सिडी
पारंपरिक रोपाई विधि में पहले नर्सरी तैयार करनी पड़ती है और फिर जलमग्न खेतों में पौधों की रोपाई होती है, जिसमें भारी मात्रा में पानी और लेबर की जरूरत पड़ती है। इसके विपरीत, DSR तकनीक में सीधे खेत में बीज बोए जाते हैं, जिससे सिंचाई के पानी की करीब 20-25% तक बचत होती है। हरियाणा सरकार इस जल-संरक्षण विधि को अपनाने वाले हर किसान को, चाहे उसके पास कितनी भी जमीन हो, 4,500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दे रही है।
20 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन पोर्टल
इस सरकारी सब्सिडी और मशीनी सुविधा का लाभ उठाने के लिए किसानों को समय सीमा का ध्यान रखना होगा। ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर 20 मई से 10 जून तक पंजीकरण की खिड़की खुलेगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धान की सीधी बिजाई के लिए यह समय सबसे उपयुक्त है। लेबर की कमी और गिरते भू-जल स्तर की समस्या से जूझ रहे हरियाणा के किसानों के लिए DSR मशीन का यह किफायती किराया एक बड़ी संजीवनी साबित हो सकता है।
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