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खेती में लागत कम और पैदावार ज्यादा: हरियाणा सरकार का 5 लाख टन अनाज बढ़ाने का मास्टर प्लान

On: मई 11, 2026 4:03 अपराह्न
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खेती में लागत कम और पैदावार ज्यादा: हरियाणा सरकार का 5 लाख टन अनाज बढ़ाने का मास्टर प्लान
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चंडीगढ़, 11 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा के किसानों के लिए खेती अब और भी अधिक वैज्ञानिक और लाभदायक होने जा रही है। प्रदेश सरकार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड की तर्ज पर अब ‘जल स्वास्थ्य कार्ड’ योजना का खाका तैयार कर लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अगले तीन वर्षों में प्रदेश के कुल खाद्यान्न उत्पादन को 5 लाख टन तक बढ़ाना है। कृषि विभाग के अनुसार, इस मुहिम के तहत हरियाणा के करीब 8 लाख ट्यूबवेलों के पानी के सैंपल लिए जाएंगे।

वैज्ञानिकों की विशेष टीम करेगी निगरानी

इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें कृषि विभाग के विशेषज्ञों के साथ-साथ हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार और केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (CSSRI) करनाल के वैज्ञानिक शामिल रहेंगे। यह टीम पानी की गुणवत्ता का विश्लेषण कर किसानों को यह बताएगी कि उनके खेत के पानी के हिसाब से कौन सी फसल सबसे ज्यादा मुनाफा देगी।

मोबाइल पर मिलेगी 9 पैरामीटर्स की रिपोर्ट

पानी की जांच प्रक्रिया को पूरी तरह हाई-टेक बनाया गया है। ट्यूबवेल से लिए गए हर सैंपल को GPS लोकेशन के साथ टैग किया जाएगा ताकि डेटा में कोई गड़बड़ी न हो। जांच के दौरान पानी की विद्युत चालकता, क्षारीयता, कैल्शियम मैग्नीशियम और सल्फेट जैसे 9 महत्वपूर्ण मानकों की परख होगी। सबसे खास बात यह है कि इसकी विस्तृत रिपोर्ट सीधे किसान के मोबाइल फोन पर भेजी जाएगी।

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जमीन की सेहत और कम होगी लागत

वर्तमान में हरियाणा के करीब 60 प्रतिशत किसान ट्यूबवेल सिंचाई पर निर्भर हैं। लेकिन भू-जल में बढ़ते भारी साल्ट (Heavey Salts) के कारण जमीन की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है। नई योजना के तहत भू-जल का एक डिजिटल मानचित्र भी तैयार किया जाएगा। इससे किसानों को पहले ही पता चल जाएगा कि उनके इलाके का पानी कैसा है। अगर पानी खराब है, तो जिप्सम जैसे सुधारकों का उपयोग कर धरती की सेहत को बिगड़ने से बचाया जा सकेगा।

किसानों को कैसे होगा लाभ?

जल स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों को मानकर खेती करने से खाद और बीज की बर्बादी रुकेगी। जब किसान पानी की प्रकृति के अनुसार फसल उगाएंगे, तो न केवल लागत कम आएगी बल्कि पैदावार में भी भारी बढ़ोतरी होगी। कृषि महानिदेशक राज नारायण कौशिक के अनुसार, यह मानचित्र पूरे प्रदेश के कृषि परिदृश्य को बदलने की ताकत रखता है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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