Meri Fasal Mera Byora 2026 : हरियाणा के किसानों के लिए खरीफ सीजन 2026 से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण और फायदे की खबर आई है। राज्य सरकार ने फसल पंजीकरण के लिए आधिकारिक ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल को लाइव कर दिया है। कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जो किसान इस सीजन में धान की सीधी बिजाई (DSR तकनीक) करेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से साढ़े 4 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को 15 जून 2026 तक हर हाल में पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराकर DSR विकल्प का चयन करना होगा।
कृषि यंत्रों पर 50% की बंपर सब्सिडी
इस खरीफ सीजन में पानी की बचत करने वाली तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग पूरे राज्य में 600 डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) मशीनें सब्सिडी पर मुहैया कराएगा। इन आधुनिक मशीनों की खरीद पर किसानों को 50 प्रतिशत या फिर अधिकतम 40 हजार रुपये तक की भारी सब्सिडी राशि का सीधा लाभ मिलेगा। सरकारी नियमों के मुताबिक, व्यक्तिगत श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले किसानों का चयन एक परिवार पहचान पत्र (PPP) में से केवल एक ही सदस्य का किया जाएगा। एक किसान केवल एक ही कृषि उपकरण की सब्सिडी के लिए आवेदन करने का पात्र माना जाएगा।
इन कृषि उपकरणों पर ले सकते हैं छूट
किसान भाई सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, रिवर्सिबल एमबीप्लो, जीरो टिल सीड फर्टिलाइजर ड्रिल, सुपर सीडर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर या मल्चर, हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ बेलर मशीन, स्ट्रॉ रेक और क्रॉप रीपर जैसे अत्याधुनिक ट्रैक्टर चलित कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए कुछ जरूरी कागजात अनिवार्य किए गए हैं। इनमें किसान का मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर चालू और पिछले साल (खरीफ और रबी 2025-26) का पंजीकरण होना चाहिए। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र, आईडी प्रूफ, पैन कार्ड, हरियाणा में रजिस्टर्ड किसान के नाम पर ट्रैक्टर की वैलिड आरसी, बैंक खाता नंबर, पटवारी की रिपोर्ट और एक स्वघोषणा पत्र जमा करना होगा।
धान छोड़ दूसरी फसल उगाने पर मिलेंगे 8,000 रुपये प्रति एकड़
हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत पानी बचाने वाले किसानों को इस बार और बड़ा इनाम मिलने जा रहा है। जिन किसानों ने पिछले साल अपने खेत में धान की फसल का पंजीकरण कराया था, लेकिन इस बार वे धान की खेती छोड़कर मक्का, कपास, दलहन, तिलहन, चारा फसल, प्याज, सब्जियां या बागवानी अपना रहे हैं, उन्हें सरकार सीधे लाभ देगी। यहां तक कि जो किसान एग्रोफोरेस्ट्री चुनते हैं या अपने खेत को इस सीजन में खाली छोड़ देते हैं, उन्हें भी सरकार प्रति एकड़ 8 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करेगी।
PM Kisan : जून-जुलाई में आ सकती है अगली किस्त, लेकिन इन 4 जरूरी कामों के बिना नहीं मिलेंगे ₹2,000
ज़मीनी हकीकत, कृषि ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।













