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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, खेतों की मिट्टी जांचने के लिए 2.5 करोड़ की लागत से आएंगी आधुनिक किट

On: जून 9, 2026 1:52 अपराह्न
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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, खेतों की मिट्टी जांचने के लिए 2.5 करोड़ की लागत से आएंगी आधुनिक किट
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हरियाणा सरकार ने राज्य में गिरते भू-जल और मिट्टी की घटती उपजाऊ क्षमता को बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश की 106 सरकारी प्रयोगशालाओं के लिए ढाई करोड़ रुपये की लागत से 332 आधुनिक ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस किट खरीदी जाएंगी। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई, जिससे आम किसानों को अपनी जमीन की सेहत सुधारने में सीधी मदद मिलेगी।

हरियाणा के किसानों को समृद्ध बनाने और खेतों की मिट्टी को बंजर होने से बचाने के लिए नायब सिंह सैनी सरकार ने एक बेहद बड़ा और वैज्ञानिक फैसला लिया है। चंडीगढ़ में आयोजित हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी की उच्च स्तरीय बैठक में सरकार ने राज्य के लिए आधुनिक ‘ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस किट’ खरीदने को हरी झंडी दे दी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में राज्य मंत्री महीपाल सिंह ढांडा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जून 2026 की इस बड़ी प्रशासनिक मंजूरी के बाद अब हरियाणा के गांवों से लिए जाने वाले मिट्टी के नमूनों की जांच बिल्कुल नए और सटीक तरीके से की जाएगी, जिसका सीधा फायदा राज्य के लाखों अन्नदाताओं को मिलेगा।

हरियाणा सरकार कितनी किट खरीदेगी और इस पर कितना खर्च होगा?

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हरियाणा सरकार ने प्रदेश के कृषि ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 332 ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस किट खरीदने की प्रशासनिक मंजूरी दी है। इन आधुनिक किट्स की खरीद पर सरकारी खजाने से लगभग 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार इन सभी किट्स को राज्य भर में चल रही 106 सरकारी मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं (सॉइल टेस्टिंग लैब्स) में इंस्टॉल करेगी। इन लैब्स में किसानों के खेतों की मिट्टी का बिल्कुल मुफ्त और सटीक परीक्षण किया जाएगा। जांच के बाद प्रत्येक किसान को एक विस्तृत रिपोर्ट मिलेगी, जिससे वे जान सकेंगे कि उनके खेत की मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है।

अच्छी फसल के लिए मिट्टी में कितना ऑर्गेनिक कार्बन होना चाहिए?

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मिट्टी की सेहत से जुड़े वैज्ञानिक मानक समझाते हुए बताया कि किसी भी खेत से बंपर फसल उत्पादन लेने के लिए मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा कम से कम 0.5 से 0.75 प्रतिशत के बीच होना अनिवार्य है। यदि जांच में यह मात्रा 1 प्रतिशत या उससे अधिक पाई जाती है, तो वैसी मिट्टी को सबसे उत्कृष्ट और उपजाऊ श्रेणी में गिना जाता है। इसके विपरीत, यदि किसी किसान के खेत में ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर 0.5 प्रतिशत से नीचे चला जाता है, तो उसे कमजोर और बीमार जमीन माना जाता है। ऐसी स्थिति में रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल भी बेअसर हो जाता है और फसल की पैदावार लगातार घटने लगती है। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले! 2000 एकड़ में शुरू होगी स्मार्ट खेती, मोरनी ब्लॉक बनेगा राज्य का पहला मॉडल

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मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन क्यों जरूरी है और इसके क्या फायदे हैं?

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऑर्गेनिक कार्बन को असल में मिट्टी की आत्मा माना जाता है। यह जमीन के भीतर मौजूद केंचुओं और पौधों के मित्र कहे जाने वाले सूक्ष्मजीवों के लिए मुख्य भोजन का काम करता है, जो मिट्टी को हमेशा जीवंत और उपजाऊ बनाए रखते हैं। जब खेत में पर्याप्त मात्रा में ऑर्गेनिक कार्बन होता है, तो मिट्टी की पानी सोखने और लंबे समय तक नमी बनाए रखने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि फसलें कम पानी या सूखे जैसे गंभीर हालातों का भी आसानी से सामना कर लेती हैं। इसके अलावा, यह कार्बन मिट्टी में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश जैसे जरूरी पोषक तत्वों को बांधकर रखता है, जिससे पौधों की जड़ों को बिना रुकावट पूरा पोषण मिलता है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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