बारिश के मौसम में बढ़ी हुई नमी सिर्फ घर की दीवारों और कपड़ों को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि वॉशिंग मशीन की कार्यक्षमता पर भी असर डाल सकती है। हर धुलाई के दौरान मशीन पानी के संपर्क में रहती है और मानसून में हवा में नमी अधिक होने के कारण ड्रम, रबर गैस्केट और डिटर्जेंट ट्रे में बचा पानी जल्दी नहीं सूखता। यही वजह है कि विशेषज्ञ इस मौसम में मशीन की देखभाल को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
अगर मशीन के अंदर नमी लंबे समय तक बनी रहती है तो फफूंदी और बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इसका असर केवल मशीन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि साफ किए गए कपड़ों में भी बदबू आने लगती है और लंबे समय में मशीन के अंदरूनी हिस्सों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
मानसून में वॉशिंग मशीन को ज्यादा खतरा क्यों रहता है?
सामान्य दिनों में ड्रम के अंदर बचा हुआ पानी आसपास की अपेक्षाकृत सूखी हवा के कारण जल्दी सूख जाता है। लेकिन मानसून में हवा पहले से ही नमी से भरी रहती है, इसलिए मशीन के अंदर मौजूद पानी लंबे समय तक बना रहता है।
यही अतिरिक्त नमी बैक्टीरिया और फफूंदी के बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। यदि समय रहते इसकी सफाई नहीं की जाए तो मशीन से लगातार बदबू आने लगती है और हर धुलाई के बाद कपड़ों में भी वही गंध महसूस हो सकती है।
फ्रंट-लोड मशीन में रबर गैस्केट क्यों बनता है सबसे बड़ी समस्या?
फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीनों में दरवाजे के आसपास लगी रबर डोर सील या गैस्केट सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। धुलाई पूरी होने के बाद इसकी सिलवटों में अक्सर पानी जमा रह जाता है।
अगर इस हिस्से को नियमित रूप से साफ और सूखा न रखा जाए तो सबसे पहले यहीं फफूंदी विकसित होती है। बाद में यही फफूंदी अगली वॉशिंग साइकल के दौरान कपड़ों तक पहुंच सकती है।
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हर वॉश के बाद क्या करना चाहिए?
मनीकंट्रोल के अनुसार, मानसून में वॉशिंग मशीन इस्तेमाल करने वालों को हर धुलाई के बाद मशीन का दरवाजा और डिटर्जेंट ट्रे तुरंत बंद नहीं करनी चाहिए। इन्हें कुछ घंटों तक खुला छोड़ने से ड्रम के अंदर फंसी नमी और हवा आसानी से बाहर निकल जाती है।
इसके अलावा दरवाजा बंद करने से पहले रबर गैस्केट को सूखे और साफ कपड़े से पोंछना भी फायदेमंद माना जाता है। इससे नमी कम होती है और फफूंदी बनने की संभावना घट जाती है।
टॉप-लोड मशीन इस्तेमाल करने वालों को भी बरतनी चाहिए यह सावधानी
यह सलाह केवल फ्रंट-लोड मशीनों तक सीमित नहीं है। टॉप-लोड वॉशिंग मशीन इस्तेमाल करने वालों को भी कपड़े धोने के बाद कुछ समय तक ढक्कन खुला रखना चाहिए ताकि अंदर मौजूद नमी पूरी तरह निकल सके।
ऐसा करने से मशीन के ड्रम में बदबू बनने की संभावना कम होती है और मशीन लंबे समय तक बेहतर स्थिति में काम करती है।
क्या इस छोटी आदत से मशीन की उम्र बढ़ सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित सफाई, नमी को बाहर निकलने देना और रबर सील को सूखा रखना वॉशिंग मशीन की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद कर सकता है। इससे फफूंदी और बदबू की समस्या कम होती है, कपड़े साफ और ताजगी भरे रहते हैं तथा मशीन के अंदरूनी हिस्सों पर लंबे समय तक नमी का असर भी कम पड़ता है। #MonsoonCare #WashingMachineTips #HomeCare










