ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

हरियाणा के ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी खबर: कृषि क्षेत्र में नया बिजनेस शुरू करने के लिए MDU देगा फ्री ट्रेनिंग

On: मई 22, 2026 4:58 अपराह्न
Follow Us:
हरियाणा के ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी खबर: कृषि क्षेत्र में नया बिजनेस शुरू करने के लिए MDU देगा फ्री ट्रेनिंग
Join WhatsApp Group

रोहतक, 22 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। Bioinformatics MDU: हरियाणा के ग्रामीण युवाओं को खेती-किसानी और नई तकनीक के दम पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) ने एक बड़ी रणनीतिक पहल शुरू की है। बदलते जलवायु परिदृश्य (Climate Change) और देश के सामने खड़ी रोजगार की चुनौतियों के बीच कृषि आधारित स्टार्टअप्स ग्रामीण युवाओं के लिए गेमचेंजर साबित होने जा रहे हैं। इसी सोच के साथ महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय अब कृषि नवाचार और टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स का एक मजबूत रोडमैप तैयार करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) और इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) के सहयोग से एक साझा कार्यक्रम शुरू करने की रूपरेखा तैयार कर ली है।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया और डॉ. रबी नारायण साहू के बीच उच्च स्तरीय बैठक

इस साझा प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने नई दिल्ली के पूसा स्थित आईसीएआर के प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं प्रोग्राम लीडर डॉ. रबी नारायण साहू के साथ एक विस्तृत और उच्च स्तरीय बैठक की। चंडीगढ़ से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस बैठक के दौरान कृषि क्षेत्र में नए स्टार्टअप्स, इनोवेटिव आइडियाज और ग्रामीण युवाओं के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण (Entrepreneurship Training) कार्यक्रमों के ढांचे पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। प्रो. मिलाप पूनिया ने बैठक में स्पष्ट कहा कि आने वाला समय पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल तकनीकों और उद्यमिता का है, इसलिए हरियाणा के युवाओं को पारंपरिक नौकरियों के भरोसे छोड़ने के बजाय उन्हें बिजनेस ओनर बनाना बेहद जरूरी है।

20% तक बढ़ेगी अगली फसल की पैदावार, खरीफ बीज भंडारण के ये वैज्ञानिक नियम अपनाएं किसान | kharif-seed-storage-scientific-methods-moisture-guidelines-farmers
20% तक बढ़ेगी अगली फसल की पैदावार, खरीफ बीज भंडारण के ये वैज्ञानिक नियम अपनाएं किसान

एग्री-टेक बिजनेस से जोड़ने का प्रयास

कुलपति ने डॉ. साहू से विशेष आग्रह किया कि वे आईएआरआई और आईसीएआर की तकनीकी टीम के साथ मिलकर एमडीयू रोहतक के कैंपस में युवाओं के लिए जागरूकता और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें। इसका सीधा फायदा रोहतक, झज्जर, सोनीपत और भिवानी सहित पूरे हरियाणा के ग्रामीण बैकग्राउंड से आने वाले छात्रों को मिलेगा, जो बदलते कृषि परिदृश्य के अनुरूप खेती में ही नए अवसर तलाश सकेंगे। डॉ. रबी नारायण साहू ने एमडीयू को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनका संस्थान भारत में हरित क्रांति लाने और कृषि विकास को गति देने में हमेशा अग्रणी रहा है, इसलिए हरियाणा के युवाओं के कौशल विकास के लिए वे हर संभव तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

शीर्ष वैज्ञानिक और विशेषज्ञ रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में देश के कई शीर्ष तकनीकी और कृषि विशेषज्ञ भी शामिल हुए। बैठक में सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल बायोइनफॉर्मेटिक्स, आईएएसआरआई (ICAR) के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. सुनील कुमार और एमडीयू के बायोइनफॉर्मेटिक्स विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजित कुमार ने कृषि क्षेत्र में डेटा साइंस और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर अपनी राय रखी। इनके अलावा आईआईटी (IIT) के वैज्ञानिक और एमडीयू के निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी भी इस मंथन का हिस्सा रहे। इस संयुक्त पहल से न केवल हरियाणा में नए एग्री-टेक स्टार्टअप्स को गति मिलेगी, बल्कि किसानों को भी डिजिटल और आधुनिक खेती के गुर सीखने में मदद मिलेगी।

कुरुक्षेत्र के किसानों का कमाल: रमेश कुमार और चरणजीत कौर को मुख्यमंत्री ने दिया ‘मधु रत्न पुरस्कार’

गेहूं-चना छोड़ अपनाई रोजल हिबिस्कस की खेती, खेत में खिले फूल देख कृषि वैज्ञानिक भी हैरान | sagar-farmer-anmol-dubey-organic-roselle-hibiscus-farming-bina
गेहूं-चना छोड़ अपनाई रोजल हिबिस्कस की खेती, खेत में खिले फूल देख कृषि वैज्ञानिक भी हैरान

किसानों के लिए वरदान बनी हरियाणा की यह नई तकनीक, 15 लाख किसानों को हर सीजन में मिल रही लाइव मदद

ज़मीनी हकीकत, ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े | haryana-monsoon-2026-paddy-production-loss-drought-impact-district-wise-report
कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now