भारत में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर आई है। खासकर देश का वह बड़ा वर्ग जो आज भी महंगे स्मार्टफोन के बजाय कीपैड यानी फीचर फोन का इस्तेमाल करता है, अब उनके फोन पर भी टीवी चलेगा। घरेलू मोबाइल निर्माता कंपनी खुश टेक कोरिया ने दुनिया का पहला डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) फीचर फोन बनाने का दावा किया है। इस अनोखे फोन को कोरिया में डिजाइन किया गया है और इसका निर्माण पूरी तरह भारत में ही किया जा रहा है। इस हैंडसेट की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसके लिए यूजर्स को कोई सिम कार्ड डेटा या ब्रॉडबैंड कनेक्शन नहीं लेना होगा।
D2M फीचर फोन में लाइव टीवी कैसे चलेगा?
इस खास D2M फीचर फोन में टीवी सिग्नल को सीधे रिसीव करने के लिए एक इन-बिल्ट एंटीना लगाया गया है। कमजोर सिग्नल वाले इलाकों में यूजर इस एंटीना को जरूरत के अनुसार बाहर खींचकर बेहतर फ्रीक्वेंसी हासिल कर सकते हैं। कंपनी ने इस फोन के भीतर आधुनिक ATSC 3.0 तकनीक फिट की है। यह तकनीक बिना किसी मोबाइल डेटा या सिम नेटवर्क के हवा में तैर रहे ब्रॉडकास्ट सिग्नलों को पकड़कर सीधे लाइव टीवी और फ्री चैनल्स को स्क्रीन पर प्ले कर देती है।
खुश टेक कोरिया D2M फीचर फोन के स्पेसिफिकेशन्स क्या हैं?
कीपैड श्रेणी का होने के बावजूद इस फोन में कनेक्टिविटी और डिस्प्ले का पूरा ध्यान रखा गया है। फोन के मुख्य तकनीकी फीचर्स इस प्रकार हैं:
नेटवर्क सपोर्ट: इस फोन में 2G और 4G LTE नेटवर्क का सपोर्ट दिया गया है, लेकिन इसमें 5G कनेक्टिविटी नहीं मिलेगी।
सिम स्लॉट: यूजर इसमें एक साथ दो नैनो सिम कार्ड लगा सकते हैं।
स्क्रीन साइज और रेजॉल्यूशन: फोन में 2.4 इंच का QVGA TFT डिस्प्ले है, जो 320×240 पिक्सल रेजॉल्यूशन के साथ आता है।
बिल्ड क्वालिटी और वजन: इसका फ्रंट पैनल ग्लास से बना है, जबकि फ्रेम और बैक पैनल के लिए मजबूत प्लास्टिक का इस्तेमाल हुआ है। इस पूरे डिवाइस का वजन करीब 220 ग्राम है। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: व्हाट्सऐप में दिखे Meta One प्लान्स के संकेत, 700 और 2200 रुपये में मिलेंगे ये धांसू प्रीमियम फीचर्स
डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) तकनीक क्या है और यह कैसे काम करती है?
डायरेक्ट-टू-मोबाइल या D2M एक ऐसी अत्याधुनिक ब्रॉडकास्टिंग तकनीक है, जिसमें मोबाइल फोन बिना किसी इंटरनेट के सीधे टीवी टावर से आ रहे सिग्नलों को कैच करता है। इसे आप ठीक वैसे ही समझ सकते हैं जैसे पुराने या मौजूदा मोबाइलों में बिना इंटरनेट के एफएम (FM) रेडियो चलता है। एफएम रेडियो की तरह ही इस फोन के अंदर लगा स्पेशल रिसीवर टीवी फ्रीक्वेंसी को पकड़ लेता है और बिना किसी बफरिंग के वीडियो, लाइव टीवी और मल्टीमीडिया कंटेंट को स्क्रीन पर डिलीवर करता है।
आम आदमी और भारतीय बाजार पर इस तकनीक का क्या असर होगा?
इस तकनीक के आने से ग्रामीण भारत के आम नागरिकों को सबसे बड़ा फायदा होगा। जिन सुदूर इलाकों में आज भी इंटरनेट की स्पीड बेहद खराब है या जो लोग हर महीने महंगा डेटा रीचार्ज नहीं करा सकते, वे अब मुफ्त में लाइव न्यूज और स्पोर्ट्स देख पाएंगे। इसके अलावा यह तकनीक देश में आपदा प्रबंधन के समय मील का पत्थर साबित होगी। मोबाइल नेटवर्क ठप होने की स्थिति में भी सरकार इसके जरिए नागरिकों तक आपातकालीन अलर्ट, जरूरी सूचनाएं और फर्जी खबरों को रोकने के लिए सही जानकारी तुरंत पहुंचा सकेगी। आने वाले समय में यह तकनीक महंगे ओटीटी (OTT) और वीडियो ऑन डिमांड ऐप्स के बाजार का गणित भी बदल सकती है।










