एपल ने अपने सालाना इवेंट WWDC 2026 में iOS 27, macOS 27 और iPadOS 27 के साथ अपने वर्चुअल असिस्टेंट के अपग्रेडेड वर्जन का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। एपल इंटेलिजेंस (Apple Intelligence) पर आधारित इस नए वर्जन को अब ‘Siri AI’ के नाम से जाना जाएगा। यह नेक्स्ट जेनरेशन एआई असिस्टेंट सीधे तौर पर चैटजीपीटी (ChatGPT) और गूगल जेमिनी जैसे बड़े एआई टूल्स को कड़ी टक्कर देने के लिए बाजार में उतारा जा रहा है। इसी बीच टेक जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि इस एडवांस एआई के इस्तेमाल के लिए अब जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
क्या Siri AI के एडवांस फीचर्स के लिए पैसे देने होंगे?
ब्लूमबर्ग के जाने-माने टेक पत्रकार मार्क गुरमन ने अपने वीकली न्यूजलेटर में संकेत दिया है कि सिरी एआई के सभी एडवांस फीचर्स को एक्सेस करने के लिए यूजर्स को पेड सब्सक्रिप्शन खरीदना पड़ सकता है। गुरमन के अनुसार, एपल अभी अपने ग्राहकों को यह समझाने के शुरुआती चरण में है कि उसकी एआई तकनीक कितनी काम की है। माना जा रहा है कि अगले 12 महीनों में इस तकनीक में कई बड़े सुधार देखने को मिलेंगे, जिसके बाद कंपनी इसके प्रीमियम वर्जन के लिए मंथली या एनुअल फीस चार्ज करने की योजना पर मुहर लगा सकती है। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: भूलकर भी न करें ‘कैश के बदले UPI ट्रांसफर’, एक गलती से तुरंत फ्रीज हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट
आखिर क्यों पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल ला रही है एपल?
चैटजीपीटी और अन्य बड़े जेनरेटिव एआई टूल्स की तरह ही सिरी एआई को चलाने के लिए काफी हाई-टेक ऑपरेटिंग सर्वर्स की जरूरत होती है। इन सर्वर्स को मेंटेन करने और एआई प्रोसेसिंग में बहुत भारी लागत (हाई कॉस्ट) आती है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिरी के बेसिक वॉयस कमांड फीचर्स हमेशा की तरह मुफ्त रहेंगे। लेकिन अगर किसी यूजर को ज्यादा कन्वर्सेशनल क्षमता, गहरी नॉलेज और जेनरेटिव एआई से जुड़े एडवांस टास्क करने हैं, तो उसे सिरी एआई का प्रीमियम प्लान चुनना होगा।
सामान्य यूजर के काम को कैसे आसान बनाएगा नया सिरी एआई?
यह नया एआई पावर्ड असिस्टेंट यूजर्स के स्मार्टफोन और मैकबुक के इस्तेमाल का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। Siri AI आपके मेल, पर्सनल मैसेज, फोटोज और डिवाइस में मौजूद दूसरे ऐप्स से डेटा को सुरक्षित तरीके से समझ सकता है। इसके लिए एक डेडिकेटेड सिरी ऐप भी मिलेगा, जहां यूजर एक ही इंटरफ़ेस से नई बातचीत शुरू कर सकेंगे या अपनी पुरानी चैट हिस्ट्री को आगे बढ़ा सकेंगे। एपल के ये सभी नए ऑपरेटिंग सिस्टम इस साल के आखिर तक आम जनता के लिए रोलआउट कर दिए जाएंगे।













