कुरुक्षेत्र, 05 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। खेती की लागत जिस तेजी से बढ़ रही है, उसने छोटे और सीमांत किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हरियाणा और पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्यों में खाद, बीज और कीटनाशकों का खर्च समय पर पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। यह कार्ड न केवल किसानों को साहूकारों के कर्ज के जाल से बचाता है, बल्कि उन्हें बेहद सस्ती दरों पर नकदी भी उपलब्ध कराता है।
ब्याज दर का ऐसा गणित जो किसानों के पक्ष में है
KCC योजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी ब्याज दरें हैं। सामान्य तौर पर बैंकों में कृषि लोन पर 7% सालाना ब्याज लगता है, लेकिन सरकार इस पर 3% की विशेष छूट (सब्सिडी) देती है। यदि किसान अपने लोन की किश्तें समय पर चुकाता है, तो उसे प्रभावी रूप से केवल 4% ब्याज ही देना पड़ता है। ₹3 लाख तक की बड़ी रकम इतनी कम दर पर मिलना किसी वरदान से कम नहीं है, जिससे किसान पर ब्याज का बोझ लगभग खत्म हो जाता है।
बिना गारंटी ₹1.60 लाख का बड़ा सपोर्ट
छोटे किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि उन्हें ₹1.60 लाख तक का लोन लेने के लिए अपनी जमीन या कोई संपत्ति बैंक के पास गिरवी रखने की जरूरत नहीं है। यह बिना गारंटी वाला कर्ज उन किसानों के लिए गेम-चेंजर है जिनके पास जमीन कम है या जो पट्टे पर खेती करते हैं। इस पैसे का इस्तेमाल वे बीज, खाद से लेकर कटाई और भंडारण जैसे जरूरी कार्यों में आसानी से कर सकते हैं।
अब सिर्फ खेती नहीं, पशुपालन के लिए भी मदद
KCC का दायरा अब केवल फसलों तक सीमित नहीं रहा। हरियाणा के उन हजारों किसानों के लिए अच्छी खबर है जो खेती के साथ-साथ डेयरी, मछली पालन या कुक्कुट पालन से जुड़े हैं। इन कार्यों के लिए भी अब किसान कार्ड के जरिए लोन उठा सकते हैं। कुछ विशेष मामलों में इन सहायक गतिविधियों के लिए ₹5 लाख तक का शॉर्ट टर्म लोन भी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।
आवेदन की प्रक्रिया हुई बेहद आसान
सरकार ने आवेदन की पेचीदगियों को खत्म कर दिया है। अब किसान अपनी नजदीकी बैंक शाखा या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी मौजूद है। दस्तावेज जमा होने के महज एक सप्ताह के भीतर आवेदक को SMS के जरिए स्टेटस पता चल जाता है। खास बात यह है कि KCC के साथ एक डेबिट कार्ड भी मिलता है, जिससे किसान ATM या माइक्रो ATM के जरिए जरूरत पड़ने पर कहीं भी पैसा निकाल सकता है।
सावधान! अगर नहीं की ये छोटी सी सेटिंग तो अटक जाएगी पीएम किसान की 23वीं किस्त
सैटेलाइट रिपोर्ट ने खोली पोल: फरीदाबाद और सिरसा के किसानों पर कानूनी डंडा, जुर्माना भी लगा
ज़मीनी हकीकत, ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।













