ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

28 जुलाई से बदलेंगे चंद्रमा के गोचर, वृषभ समेत इन 3 राशियों के लिए बनेंगे शुभ योग

On: जुलाई 25, 2026 12:49 अपराह्न
Follow Us:
28 जुलाई से बदलेंगे चंद्रमा के गोचर, वृषभ समेत इन 3 राशियों के लिए बनेंगे शुभ योग | chandra-gochar-july-2026-makar-kumbh-lucky-zodiac-signs
Join WhatsApp Group

जुलाई 2026 के आखिरी दिनों में चंद्रमा लगातार शनि की स्वामित्व वाली दो राशियों मकर और कुंभ में गोचर करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच होने वाला यह क्रम वृषभ, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए अनुकूल रह सकता है। इस दौरान पारिवारिक रिश्तों, सरकारी काम, करियर और मानसिक स्थिति से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत बताए जा रहे हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को चंद्रमा मकर राशि में प्रवेश करेंगे और इसके बाद 31 जुलाई को कुंभ राशि में गोचर करेंगे। चंद्रमा का यह लगातार दो शनि राशियों में प्रवेश कुछ राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। खासतौर पर वृषभ, तुला और मकर राशि वालों को पारिवारिक, आर्थिक और व्यक्तिगत मामलों में सकारात्मक बदलाव मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

शनि की स्वामित्व वाली राशियां कौन सी हैं?

वैदिक ज्योतिष में मकर और कुंभ दोनों राशियों का स्वामी शनि को माना जाता है। इसलिए जब चंद्रमा इन दोनों राशियों से होकर गुजरते हैं तो ज्योतिषीय दृष्टि से इस गोचर का प्रभाव अलग-अलग राशि के जातकों पर उनकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति के अनुसार देखा जाता है।

जुलाई 2026 के अंतिम दिनों में चंद्रमा पहले मकर और फिर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इसी वजह से इस अवधि को चंद्रमा के बैक-टू-बैक शनि राशियों में गोचर के रूप में देखा जा रहा है।

चंद्रमा मकर और कुंभ राशि में कब प्रवेश करेंगे?

द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को शाम 7 बजकर 48 मिनट पर चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद 31 जुलाई 2026 को सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।

17 अक्टूबर को मंगल का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत | mangal-ashlesha-nakshatra-gochar-17-october-2026-horoscope-effects
17 अक्टूबर को मंगल का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

चंद्रमा कुंभ राशि में 2 अगस्त 2026 की दोपहर 3 बजकर 26 मिनट तक रहेंगे। इस तरह जुलाई के आखिरी दिनों से अगस्त की शुरुआत तक चंद्रमा का यह गोचर ज्योतिषीय गणना में खास माना जा रहा है।

वृषभ राशि: माता से रिश्ते सुधरने के योग

वृषभ राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का लगातार मकर और कुंभ राशि में गोचर अनुकूल बताया जा रहा है। यदि किसी जातक के अपनी माता के साथ रिश्ते में पिछले कुछ समय से तनाव या मनमुटाव चल रहा है तो इस अवधि में संबंधों में सुधार आने की संभावना बन सकती है।

कामकाजी लोगों को आर्थिक दबाव से कुछ राहत मिलने के भी संकेत हैं। धन की कमी के कारण जिन कामों में परेशानी आ रही थी, उनमें स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है। हालांकि, आर्थिक मामलों में कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों का ध्यान रखना जरूरी रहेगा।

तुला राशि: सरकारी काम में मिल सकती है सफलता

तुला राशि के जातकों के लिए भी चंद्रमा का दोनों शनि राशियों में लगातार गोचर शुभ परिणाम देने वाला बताया जा रहा है। जो लोग किसी सरकारी काम को पूरा कराने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान सफलता मिलने के योग बन सकते हैं।

विवाहित जातकों के लिए भी यह समय सकारात्मक रह सकता है। भावनात्मक स्थिरता बढ़ने से जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आने और आपसी प्रेम मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।

दशहरा 2026 ज्योतिष: 20 अक्टूबर को नीलकंठ दिखना किन 3 बड़े ग्रह दोषों को करता है शांत? | dussehra-neelkanth-bird-astrology-benefits-shakun-shastra-2026
दशहरा 2026 ज्योतिष: 20 अक्टूबर को नीलकंठ दिखना किन 3 बड़े ग्रह दोषों को करता है शांत?

हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें : शनि की वक्री चाल से 5 राशियों की बदलेगी स्थिति, करियर और धन से जुड़े मिल सकते हैं अच्छे संकेत

मकर राशि: मेहनत का मिल सकता है पूरा फल

मकर राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह लगातार गोचर मेहनत और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है। इस दौरान किए गए प्रयासों का परिणाम मिलने और समाज में मान-सम्मान बढ़ने के योग बताए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य के लिहाज से पेट से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलने की संभावना भी जताई गई है। वहीं, जो लोग घर से दूर रहते हैं, उन्हें अपनी माता के साथ मन की बातें साझा करने का अवसर मिल सकता है। इससे भावनात्मक तनाव कम होने और मन हल्का महसूस होने की संभावना है।

चंद्रमा के इस गोचर का सबसे ज्यादा असर किन क्षेत्रों पर?

ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर इस गोचर के दौरान पारिवारिक संबंध, माता से जुड़ी भावनाएं, आर्थिक स्थिति, सरकारी कार्य और मानसिक स्थिरता प्रमुख क्षेत्र हो सकते हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति और अन्य ग्रहों के प्रभाव के आधार पर परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय आकलन पर आधारित है। व्यक्तिगत भविष्यफल के लिए जन्मतिथि, जन्मसमय और जन्मस्थान के आधार पर पूरी जन्मकुंडली का विश्लेषण अधिक उपयुक्त माना जाता है। #ChandraGochar2026 #Rashifal2026 #Astrology

शारदीय नवरात्रि कन्या पूजन: अष्टमी-नवमी पर सुबह 06:30 से 10:30 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त, जानें विधि | shardiya-navratri-kanya-pujan-shubh-muhurat-vidhi-astrology-rules
शारदीय नवरात्रि कन्या पूजन: अष्टमी-नवमी पर सुबह 06:30 से 10:30 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त, जानें विधि

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment