Hisar Aryanagar Panchayat Love Marriage Ban : हरियाणा के हिसार जिले के आर्यनगर गांव में रविवार को हुई एक बड़ी ग्रामीण पंचायत ने प्रेम विवाह पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फरमान सुना दिया। सरपंच कुलवंत सोखला की अध्यक्षता में बुलाई गई इस पंचायत ने गांव के युवक-युवती के बीच प्रेम विवाह और गांव के अंदर शादी करने पर पूर्ण रोक लगा दी है। पंचायत ने स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन करने वाले जोड़ों को गांव में रहने की इजाजत नहीं मिलेगी और उनका तथा उनके समर्थकों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
सोमवार को इस फैसले की जानकारी सार्वजनिक होते ही आसपास के ग्रामीण हलकों में हलचल मच गई। आर्यनगर गांव (aryanagar panchayat hisar) हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा (Ranbir Gangwa) का ससुराल भी है। हाल ही में गांव में सामने आए तीन अलग-अलग प्रेम विवाह मामलों के बाद ग्रामीणों की यह पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें सर्वसम्मति से यह कड़ा कदम उठाया गया।
पंचायत का कड़ा फैसला
पंचायत में मौजूद प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई भी युवक या युवती अपनी मर्जी से गांव के भीतर विवाह करता है, तो उसे समाज से पूरी तरह अलग कर दिया जाएगा। ऐसे किसी भी जोड़े (Haryana panchayat love marriage ban) को आर्यनगर की सीमा में कदम नहीं रखने दिया जाएगा। साथ ही अगर कोई रिश्तेदार या ग्रामीण ऐसे विवाह में मदद करता है, तो उसके खिलाफ भी सामाजिक स्तर पर सख्त कार्रवाई होगी।
यह पूरा विवाद तब भड़का जब गांव के ही एक युवक ने गांव की युवती से बाहर जाकर विवाह कर लिया। लड़की के परिजनों ने इस रिश्ते पर कड़ा ऐतराज जताया और लड़के के घर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। इसी पारिवारिक विवाद के बाद तनाव बढ़ने पर सरपंच कुलवंत सोखला की मौजूदगी में चौपाल बुलाई गई।
बैन की मुख्य वजह लव मैरिज
भारतीय जनता पार्टी नेता हनुमान वर्मा ने पंचायत के इस कदम की वजह बताई। उनके अनुसार हरियाणा की पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति में एक ही गांव के युवक और युवती को भाई-बहन का दर्जा दिया जाता है। ऐसे में एक ही गांव के भीतर विवाह होने से सामाजिक ताना-बाना बिखर जाता है और आपसी भाईचारे में दरार पैदा होती है।
हनुमान वर्मा ने कहा कि यह फैसला आने वाली पीढ़ी के भविष्य और सामाजिक मर्यादा की रक्षा के लिए लिया गया है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे विवाहों को खुली छूट मिलने से भविष्य में युवाओं के बीच अनुशासनहीनता बढ़ेगी और पारिवारिक विवाद कोर्ट-कचहरी तक पहुंचेंगे।
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निगरानी के लिए कमेटी
पंचायत के फैसले को धरातल पर लागू करने के लिए आर्यनगर में एक विशेष ग्रामीण कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को सामाजिक मर्यादाओं के प्रति जागरूक करेगी। यदि कोई युवा इस तरह का कदम उठाने की कोशिश करेगा, तो कमेटी सबसे पहले उसके माता-पिता और परिजनों को समझाएगी।
कमेटी जल्द ही पूरे गांव में एक सर्वे भी कराएगी ताकि यह जाना जा सके कि कितने परिवार पंचायत के इस फरमाने से पूरी तरह सहमत हैं। गांव के बुजुर्गों और प्रतिनिधियों का दावा है कि इस पहल का मकसद किसी की स्वतंत्रता छीनना नहीं, बल्कि ग्रामीण मर्यादा और भाईचारे को सुरक्षित रखना है। #HisarNews #HaryanaNews #PanchayatDecision













