Dakshinavarti Shankh : दिवाली के पावन अवसर पर मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए घरों में दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना करना बेहद फलदायी माना जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दुर्लभ शंख को घर में विधि-विधान से स्थापित करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
दिवाली के अवसर पर भक्त लोग मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए तमाम तरह के उपाय करते हैं। कोई चांदी का सिक्का खरीदता है तो कोई गोमती चक्र और कौड़ियां घर लाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की लक्ष्मी पूजा में दक्षिणावर्ती शंख स्थापित करना भी बेहद शुभ माना जाता है। इस शंख का संबंध सीधे तौर पर मां लक्ष्मी से माना जाता है। इसे घर के पूजा स्थल में विधि-विधान से स्थापित करने से धन-धान्य, वैभव और शुभ ऊर्जाओं का वास होता है। ज्योतिष शास्त्र में इस शंख को कारोबार, संपन्नता, करियर में तरक्की और स्वास्थ्य सुख के लिए बहुत विशेष माना गया है। सामान्य शंख का मुख बाईं ओर होता है, परंतु दक्षिणावर्ती शंख का मुख दाईं ओर होता है, जो इसे दुर्लभ बनाता है। पौराणिक कथाओं में इसका संबंध समुद्र मंथन से भी जुड़ा है।
दिवाली पर स्थापना की विधि
दिवाली की शाम मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश के पूजन के समय दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना करना अत्यंत फलदायी होता है। स्थापना से पहले शंख को स्वच्छ जल से साफ किया जाता है। इसके बाद पूजा स्थल पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर शंख को स्थापित किया जाता है। शंख पर गंगाजल या स्वच्छ जल छिड़ककर अक्षत, चंदन और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाया जाता है और दक्षिणावर्ती शंख को चावल या स्वच्छ वस्त्र पर रखा जाता है। शंख के भीतर चावल या चांदी का सिक्का डालकर रखना भी बेहद शुभ माना जाता है।
पूजन के दौरान मंत्र जाप
दीवाली की रात दक्षिणावर्ती शंख की पूजा करते समय मां लक्ष्मी के विशेष मंत्रों का जाप किया जाता है। भक्त ‘ऊँ ह्रीं श्रीं नम: श्रीधरकरस्थाय पयोनिधिजातायं लक्ष्मीसहोदराय फलप्रदाय फलप्रदाय श्री दक्षिणावर्त्त शंखाय श्रीं ह्रीं नम:।’ और ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का उच्चारण करते हैं। इन मंत्रों के नियमित जाप से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में धन-धान्य की वृद्धि की कामना पूरी होती है।
दिशा और जरूरी नियम
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दक्षिणावर्ती शंख को घर के पूजा स्थल में एकदम स्वच्छ स्थान पर स्थापित करना चाहिए। इसे हमेशा साफ-सुथरा रखना अनिवार्य है और इसकी नियमित रूप से पूजा करनी होती है। शंख के पास किसी भी प्रकार की गंदगी या अनावश्यक वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए। इसे कभी भी ऐसी जगह पर न रखें जहां किसी के पैर लगने की संभावना हो। दीपावली की रात दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना से घर में सुख-शांति और आर्थिक संपन्नता हमेशा बनी रहती है। #DakshinavartiShankh #Diwali2026 #MaaLaxmi #VastuTips











