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दिवाली से पहले घर से निकाल फेंकें ये सामान, वरना नहीं होगा मां लक्ष्मी का आगमन; देखें पूरी लिस्ट

On: अक्टूबर 25, 2026 4:09 अपराह्न
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दिवाली से पहले घर से निकाल फेंकें ये सामान, वरना नहीं होगा मां लक्ष्मी का आगमन; देखें पूरी लिस्ट | diwali-2026-date-laxmi-puja-shubh-muhurat-remove-unlucky-items-vastu-tips
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Diwali 2026 Laxmi Puja Muhurat : सनातन परंपरा में सुख-समृद्धि और वैभव का महापर्व दीपावली साल 2026 में 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार दिवाली की रात मां लक्ष्मी स्वच्छ और सकारात्मक ऊर्जा वाले घरों में ही प्रवेश करती हैं। दरिद्रता और वास्तु दोष से बचने के लिए दिवाली की सफाई के दौरान घर में रखी बंद घड़ियां, टूटे बर्तन और खंडित मूर्तियों समेत 8 अशुभ चीजों को तुरंत बाहर निकाल देना चाहिए।

Diwali 2026 kab hai : रोशनी और खुशहाली का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली साल 2026 में 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश भक्तों के घरों में पधारकर धन-धान्य और आरोग्य का आशीर्वाद देते हैं। देवी लक्ष्मी के स्वागत के लिए घरों की साफ-सफाई केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं, बल्कि घर की नकारात्मकता को बाहर निकालने की शास्त्रीय परंपरा है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में जमी कबाड़ और टूटी-फूटी वस्तुएं दरिद्रता लाती हैं, इसलिए पूजन से पहले इनकी विदाई जरूरी है।

दिवाली 2026 तिथि व मुहूर्त

पंचांग के अनुसार कार्तिक अमावस्या तिथि की शुरुआत 8 नवंबर 2026 को सुबह 11:28 बजे होगी। यह पावन तिथि अगले दिन 9 नवंबर को दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगी।

प्रदोष काल व्यापिनी अमावस्या होने के कारण 8 नवंबर को ही दीपावली मनाई जाएगी। इस दिन प्रदोष काल शाम 5:41 बजे से रात 8:17 बजे तक रहेगा। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन का सबसे मंगलकारी समय शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा।

खंडित मूर्तियां और तस्वीरें

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घर के मंदिर या किसी भी कोने में रखी देवी-देवताओं की टूटी हुई मूर्तियां अथवा फटी तस्वीरें गंभीर वास्तु दोष पैदा करती हैं। पूजा स्थल पर ऐसी खंडित प्रतिमाएं रखने से घर में कलह और अशांति बढ़ती है।

सफाई के दौरान इन्हें ससम्मान हटाकर किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें। यदि जल प्रवाह संभव न हो तो इन्हें किसी पीपल के पेड़ की जड़ के पास श्रद्धापूर्वक रख दें।

बंद घड़ियां और टूटा कांच

वास्तु नियमों के तहत घर में रुकी हुई या टूटी हुई घड़ी प्रगति में रुकावट और दुर्भाग्य का सूचक मानी जाती है। समय का पहिया रुकने का सीधा असर घर के मुखिया की कार्यक्षमता और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

इसी प्रकार चटका हुआ दर्पण, टूटी क्रॉकरी और कटे-फटे बर्तन घर में वास्तु दोष बढ़ाते हैं। ऐसे अनुपयोगी बर्तनों और कांच के टुकड़ों को तुरंत घर से बाहर निकालें ताकि धन आगमन के मार्ग खुल सकें।

कबाड़, रद्दी और अनुपयोगी कपड़े

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अलमारियों में बरसों से बंद फटे-पुराने कपड़े और जंग लगा लोहा घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। ऐसे कपड़े जो उपयोग में नहीं हैं, उन्हें जरूरतमंदों को दान कर देना चाहिए या हटा देना चाहिए।

घर के कोनों में जमा पुराने अखबार, रद्दी, मैगजीन और बेकार पड़े पुराने जूते-चप्पल शनि व राहु के दुष्प्रभाव को बढ़ाते हैं। दिवाली से पहले कबाड़ का पूरी तरह निपटारा कर देने से घर में सकारात्मक तरंगें फैलती हैं।

खराब बिजली उपकरण और दवाएं

रसोई में रखे एक्सपायरी खाद्य पदार्थ, खराब मसाले और दवाई बॉक्स में पड़ी पुरानी दवाएं घर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ाती हैं। इसके साथ ही घर में पड़े खराब चार्जर, टूटे इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण और उलझे हुए तार यानी ई-वेस्ट मानसिक तनाव का कारण बनते हैं।

इन तमाम अनुपयोगी और खराब चीजों को बाहर फेंकने से घर में खुलापन आता है। शुद्ध और व्यवस्थित वातावरण में ही माता लक्ष्मी का स्थाई वास संभव होता है। #Diwali2026 #LaxmiPuja #VastuTips #DiwaliSafai

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के सामान्य नियमों पर आधारित है। हरियाणा न्यूज पोस्ट इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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सनातन परंपरा में शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा) का पावन पर्व रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में मनाया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से युक्त होकर अमृत वर्षा करता है और मां लक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर सवार होकर पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं। इस पावन रात को उल्लू का दिखना आर्थिक तंगी दूर होने और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलने का दुर्लभ संकेत माना गया है। (पूरी खबर पढ़ें)

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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