Dhanteras 2026 Utensils Buying Guide : साल 2026 में धनतेरस का महापर्व शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन समुद्र मंथन से प्रकट हुए भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा के साथ पीतल, तांबा और चांदी के बर्तन खरीदना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। खरीदारी करते समय लोहे, एल्युमिनियम और कांच की चीजों से दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी जाती है।
Dhanteras 2026 date kab hai : कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस का महापर्व साल 2026 में शुक्रवार, 6 नवंबर को आ रहा है। यह दिन सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और आर्थिक संपन्नता का प्रतीक है। श्रद्धालु इस दिन आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, धन की देवी मां लक्ष्मी और धनपति कुबेर देव की विधिवत आराधना करते हैं। बाजारों में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ बर्तनों की जमकर खरीदारी होती है। हालांकि, धार्मिक नियमों के अनुसार बर्तनों की धातु का चयन आपके घर की बरकत को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
पीतल के बर्तन क्यों खरीदें?
समुद्र मंथन की पौराणिक कथा के मुताबिक इसी पावन तिथि पर भगवान धन्वंतरि हाथ में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। मान्यता है कि उनके हाथों में मौजूद वह पात्र विशुद्ध पीतल धातु का था। यही कारण है कि धनतेरस पर पीतल का लोटा, थाली, कटोरी या पूजा का दीया खरीदना सबसे उत्तम और कल्याणकारी माना गया है। इससे परिवार में आरोग्य और सुख-शांति बनी रहती है।
तांबा, कांसा और चांदी की खरीदारी
पूजा-पाठ और दैनिक देव अनुष्ठानों में तांबे को सर्वोच्च और सबसे शुद्ध धातु का दर्जा प्राप्त है। धनतेरस पर तांबे का लोटा, जग या गिलास खरीदने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। जो लोग पारंपरिक धातुएं पसंद करते हैं, वे कांसे की थाली और कटोरी खरीद सकते हैं। इसके अलावा बजट अनुकूल होने पर चांदी की कटोरी, चम्मच, चांदी का पात्र या मां लक्ष्मी-गणेश अंकित चांदी का सिक्का खरीदना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
स्टील के बर्तन का विकल्प
दैनिक उपयोग और बजट की प्राथमिकताओं को देखते हुए लोग बड़ी संख्या में स्टील के बर्तनों की खरीदारी भी करते हैं। रसोई के रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए स्टील की थाली, कटोरी, गिलास या पूरा डिनर सेट एक व्यावहारिक विकल्प है। यह टिकाऊ होने के साथ-साथ परिवार की आवश्यकताओं को भी आसानी से पूरा करता है।
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किन धातुओं से करें परहेज?
शास्त्रों और मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन कुछ धातुओं को घर में लाने से बचना चाहिए। लोहे की धातु का सीधा संबंध शनि देव से माना जाता है, इसलिए इस दिन लोहे के बर्तन या धारदार वस्तुएं नहीं खरीदनी चाहिए। इसके अलावा एल्युमिनियम, प्लास्टिक और कांच के बर्तनों की खरीदारी से भी बचना अनिवार्य है।
बर्तन घर लाते समय क्या करें?
बाजार से खरीदे गए नए बर्तनों को कभी भी खाली घर के अंदर प्रवेश न कराएं। परंपरा के मुताबिक नए पात्र में थोड़ा जल, साबुत चावल, चीनी या कोई मीठा पदार्थ रखकर ही गृह प्रवेश कराना चाहिए। यह विधान घर में अखंड लक्ष्मी और अन्नपूर्णा के वास का संकेत देता है। #Dhanteras2026 #DhanterasShopping #HaryanaNewsPost
डिस्क्लेमर: यह जानकारी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। हरियाणा न्यूज पोस्ट इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लें।













